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ग्रामीणों संग अनशन पर बैठीं सांसद

Tue, 17 May 2016 09:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मिहींपुरवा विकासखंड के गोपिया बैराज पर ग्रामीणाें के साथ धरने पर बैठीं सांसद सावित्रीबाई फुले। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मिहींपुरवा (बहराइच)। सिंचाई विभाग द्वारा बैराज की सुरक्षा के लिए निर्मित कराए जा रहे एफ्लेक्स बांध का निर्माण न रुकने के विरोध में मंगलवार को सांसद सावित्री बाई फुले ग्रामीणों के साथ गोपिया बैराज पहुंच गईं।
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सांसद ने ग्रामीणों के साथ वहां आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सांसद तटबंध का निर्माण रोकने के साथ ही ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और थानाध्यक्ष डीपी कुशवाहा को हटाने की मांग पर अड़ी हैं।

अनशन स्थल पर 38 गांवों के ग्रामीणों के जमा होने से अफरातफरी की स्थिति है। देर शाम तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

नेपाल से आने वाले पानी से होने वाली तबाही को रोकने के लिए सिंचाई विभाग 11 किलोमीटर लंबे एफ्लेक्स बांध का निर्माण कर रहा है। लेकिन क्षेत्र के ग्रामीणों को तटबंध का निर्माण रास नहीं आ रहा है।
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इस मामले को लेकर रविवार रात ग्रामीणों और सहायक अभियंता के बीच विवाद भी हुआ। सहायक अभियंता ने ग्रामीणों और उनके साथ मौजूद सांसद सावित्रीबाई फुले के समर्थकों पर मारने पीटने व कपड़े फाड़ने का आरोप  हुए मोतीपुर थाने में केस दर्ज कराया था।

इस मामले में मंगलवार को दोपहर 12 बजे के करीब संासद सावित्री बाई फुले सैकड़ों ग्रामीणों के साथ गोपिया बैराज पहुंच गईं। इससे बैराज पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। सासंद ने कहा कि जिला प्रशासन मनमानी पर उतारू है।

एफ्लेक्स तटबंध का निर्माण कराए जाने पर 68 गांव बाढ़ में डूब जाएंगे। इन गांव के निवासियों की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने कुछ नहीं सोंचा। उन्होंने कहा कि रविवार को ग्रामीण अपनी बात कहने मौके पर पहुंचे थे लेकिन सहायक अभियंता ने उन्हें धमकी देते हुए फर्जी केस दर्ज करवा दिया।

उन्होंने कहा कि मोतीपुर थानाध्यक्ष ने अब ग्रामीणों का उत्पीड़न शुरू कर दिया है। सहायक अभियंता की तरह ही एसओ भी नियम निर्देशों के इतर जिला प्रशासन के इशारे पर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं लिया जाएगा और तटबंध का निर्माण रोक कर निर्मित तटबंध को ढहाया नहीं जाएगा तब तक अनशन खत्म नहीं होगा। सांसद ने एसओ मोतीपुर को भी तत्काल स्थानांतरित करने की मांग रखी। 

इसलिए बन रहा बांध

सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एफ्लेक्स बांध के निर्माण से गोपिया बैराज को नेपाली पानी के तेज बहाव से सुरक्षित किया जा सकेगा। गांवों की भी सुरक्षा होगी। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि एफ्लेक्स बांध बन जाने से 68 गांव पानी से डूब जाएंगे। इस मामले को लेकर छह माह से ग्रामीणों और सिंचाई विभाग के बीच कशमकश चल रही थी। 

प्रशासन न झुका तो जेल भरूंगी

सांसद सावित्री बाई फुले का कहना है कि केंद्र सरकार ने तटबंध निर्माण रोकने की संस्तुति कर दी है। लेकिन प्रदेश सरकार और सिंचाई विभाग के अधिकारी जान बूझकर काम करवा रहे हैं। ग्रामीणों पर जो कार्रवाई की गई वह गलत है। अगर जिला प्रशासन न माना तो ग्रामीणों के साथ गिरफ्तारी देकर जेल भरी जाएगी। 

बड़ी तादाद में ग्रामीणों के एकत्र होने से अधिकारी सकते में 

गोपिया बैराज पर सात-आठ हजार लोग जमा हो गए। दोपहर बाद लोगों की भीड़ और बढ़ने लगी है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे। ग्रामीणों ने भी संासद के साथ अनशन स्थल पर समस्या का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने की हुंकार भरी है।

उनमें बड़ी संख्या में महिलाए हैं। आंदोलन के समर्थन में इकौना नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता भी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। जिला मुख्यालय से भी भाजपा पदाधिकारी मौके को रवाना हुए हैं। 
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