भरथापुर में नाव हादसे में लापता लोगों की तलाश में जुटे जवान। -संवाद
बहराइच। भरथापुर नाव हादसे के दसवें दिन शुक्रवार को राहत व बचाव कार्य में लगी पीएसी की टीम को एक और सफलता मिली। टीम ने घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर गेरुआ नदी में एक बच्ची का शव उतराता हुआ मिला। बालिका की पहचान घनश्याम की लापता बेटी के रूप में की गई है।
30वीं वाहिनी पीएसी गोंडा की रेस्क्यू टीम के प्लाटून कमांडर कमलेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह से ही पांच बोटों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। दोपहर बाद करीब दो बजे के आसपास घाघरा बैराज के अपस्ट्रीम में गेरुआ नदी में शव मिलने की सूचना पाते ही भरथापुर गांव के लोग उस ओर दौड़ पड़े। शव की पहचान जनपद श्रावस्ती के गिलौला भिखारीपुर मसढ़ी गांव निवासी नीशू उर्फ रीतू (5) पुत्री घनश्याम के रूप में हुई है।
तट पर पहुंचे राम नरेश मौर्य ने बालिका की शिनाख्त करते हुए बताया कि रीतू उसके मौसेरे भाई घनश्याम की पुत्री है। सुजौली थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। लापता चार में से एक का शव मिल चुका है जबकि दो बच्चों समेत तीन लोगों की तलाश जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर प्लाटून कमांडर कमलेश कुमार, प्लाटून कमांडर चंद्रशेखर यादव, हेड कांस्टेबल रईस अहमद, संजीव कुमार सिंह, सहित कई पुलिस व पीएसी के जवान मौजूद रहे।
नाउम्मीद होकर घर लौट गया था घनश्याम
रामनरेश ने बताया कि उसकी मौसी रमजेई घटना वाले दिन घनश्याम के पुत्र ओमप्रकाश और बेटी नीशू को लेकर उसी नाव से गांव आ रही थीं। हादसे में तीनों डूब गए थे। रमजेई का शव पहले ही दिन मिल गया था। वहीं दोनों बच्चों का पता नहीं लग सका था। मां के अंतिम संस्कार और क्रिया-कर्म के लिए घनश्याम गांव लौट आया था। रामनरेश ने बताया कि बेटी का शव मिलने के बाद उसे सूचना दी गई है।