सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद लोग।
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बहराइच। मासिक धर्म का आना शरीर का सामान्य बदलाव है जो एक किशोरी को मां बनने के लिए तैयार करता है। साथ ही यह स्वस्थ शरीर होने का संकेत भी देता है। यह न होता तो धरती पर मनुष्य भी नहीं होते। इसके बावजूद समाज में इसे अपवित्र माना जाता है और आधी आबादी को रसोई घर से लेकर धार्मिक क्रिया कलापों से दूर रखा जाता है। मासिक चक्र दोष नहीं बल्कि प्रकृति का वरदान है। ये बातें विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर सीएमओ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी सीएमओ डॉ. राजेश ने कही।
डिप्टी सीएमओ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि माहवारी के दौरान प्रत्येक चार घंटे में सैनेट्री पैड को अवश्य बदल देना चाहिए। कपड़ों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है क्योंकि इससे संक्रमण हो सकता है।
एसीएमओ डॉ. पीके बांदिल ने कहा मासिक धर्म के दौरान पौष्टिक भोजन के साथ साथ आयरन की गोली का भी सेवन करना चाहिए। यह गोलियां स्वास्थ्य केंद्रों या आशा कार्यकर्ता के माध्यम से प्राप्त की जा सकती हैं। इसके सेवन से कमजोरी चक्कर आना या खून की कमी से बचा जा सकता है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि जिले में 1066 उच्च प्राथमिक विद्यालय व इंटर कालेज का चयन कर माहवारी स्वच्छता प्रबंधन और इससे जुड़ीं भ्रांतियों के प्रति जागरूकता लाई जा रही है।
राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला सलाहकार राकेश गुप्ता ने बताया कि जिले में 91096 किशोरी सुरक्षा योजना के तहत सैनेटरी नैपकिन का वितरण किया जा रहा है। इस दौरान ममता फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने उपस्थित किशोरियों को खेल खेल में मासिक धर्म से जुड़ी जरूरी बातें समझाईं। इस मौके पर डीपीएम सरजू खान, डीसीपीएम मोहम्मद राशिद, आरबीएसके डीइआईसी मैनेजर गोविंद रावत आदि मौजूद रहे।