बहराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को शैक्षिक सत्र के उद्घाटन के दौरान पिछली सरकारों को भी निशाने पर लिया। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के लिए प्रदेश की सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए सीएम ने कहा कि आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में महज 12 मेडिकल कॉलेज थे। वहीं दो साल के अंदर 15 नए मेडिकल कॉलेज बनाए जाने को एक ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे देश के किसी भी राज्य में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में एमबीबीएस में छात्रों को प्रवेश मिला है। प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने से अगले से पांच साल में प्रदेश को 700 और चिकित्सक मिल सकेंगे। सीएम ने कहा कि 12 मेडिकल कॉलेेजों में महज 1790 छात्रों को प्रवेश मिलता था। लेकिन सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से बड़े कदम उठाए।
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 150 छात्रों को प्रवेश दिया गया। वहीं 2016 से 19 के बीच निर्मित हो चुके सात मेडिकल कालेज में 700 छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली गई। अब प्रदेश को अगले पांच सालों में 2578 छात्रों के एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर लेने पर कहीं ज्यादा चिकित्सक मिलेंगे।
एक छात्र पर आता 10 करोड़ का खर्च
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आप सभी को जानकर आश्चर्य होगा। लेकिन प्रदेश सरकार को एक छात्र की पांच साल की एमबीबीएस की पढ़ाई को पूरा करने के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यह पैसा हम अपनी जेब से नहीं लगाते। जनता द्वारा दिया गया टैक्स ही आपकी पढ़ाई को पूरा करने में मदद करता है। ऐसे में पढ़ाई पूरी करने के बाद इस ऋण को अदा करना हम सभी का दायित्व है।