बहराइच। मुर्तिहा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में टॉफी खिलाने के बहाने बच्ची को उसका मामा बहलाकर ले गया। इसके बाद मामा ने उससे दुष्कर्म किया। दो साल पूर्व हुई इस वारदात में अदालत ने मामा को दोषी मानते हुए उसे 20 साल की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मुर्तिहा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 18 मार्च 2017 की रात करीब नौ बजे चार वर्षीय बच्ची के साथ दुराचार किया गया था। गंभीर हालत में बच्ची को परिवार के लोगों ने अस्पताल पहुंचाया था। उसका मामा प्रमोद उसे टॉफी खिलाने के बहाने गोद में उठाकर ले गया। इसके बाद आरोपी ने बच्ची से दुष्कर्म किया।
दो साल पूर्व हुए इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी। एडीजीसी क्रिमनल संतप्रताप सिंह ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश अष्टम अमित कुमार पांडेय की ओर से मुकदमे की सुनवाई की गई, जिसमें प्रमोद चाईं के ऊपर दोष सिद्ध हुआ है। अदालत ने दोष सिद्ध करते हुए प्रमोद को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उसके ऊपर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
पीड़िता को दी जाएगी प्रतिकर धनराशि
एडीजे अष्टम अमित कुमार पंाडेय ने दिए आदेश में कहा है कि पीड़िता की उम्र और अपराध की प्रकृति को देखते हुए पीड़िता को प्रतिकर धनराशि दिए जाने की संस्तुति की जाती है। प्रतिकर धनराशि उपलब्ध कराने के लिए आदेश की एक प्रति विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को भी प्रेषित की गई है।