भूमि विवाद निस्तारण व कुपोषण के विरुद्ध जिले में छेड़ी गई जंग प्रदेश का रोल मॉडल बन चुकी है। जिसे बनाए रखने में संबंधित विभागाध्यक्ष पूरा सहयोग करें। जिससे भूमि विवादों का शत प्रतिशत निस्तारण कराने के साथ ही जच्चा व बच्चा पूरी तरह स्वस्थ रहें। उक्त बातें शनिवार को कैंप कार्यालय सभागार में बैठक के दौरान डीएम ने कही।
जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रह जाए इसके लिए सभी अधिकारियों को ध्यान देना होगा। सभी उप जिलाधिकारी अपने अपने तहसील में लेखपालों के माध्यम से गांवों में भूमि विवादों को सूचीबद्ध कराकर पुलिस के साथ मिल कर मामलों का निस्तारण करें। जिससे फरियादियों को थाना व तहसील दिवस सहित डीएम अथवा एसपी कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने सार्वजनिक भूमि, चरागाह, आबादी व ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण मिलने पर संबंधित लेखपालों को निलंबित करने की चेतावनी दी है। वहीं जिला पोषण समिति के सदस्यों के साथ बैठक में डीएम ने कुपोषित बच्चों को स्वस्थ रखने व महिलाओं को एनीमिक होने से बचाने के लिए सभी एएनएम सेंटरों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर तैनात कार्यकर्त्रियों को नियमित रूप से महिलाओं व बच्चों की जांच करने तथा उन्हें आवश्यक दवाएं व पुष्टाहार देने का निर्देश दिया।
साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में बच्चों को दी जाने वाली दवाओं का संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साथ ही अधिकारियों को कार्यालय में न बैठ कर क्षेत्र में जाने का निर्देश दिया। इस मौके पर एडीएम रजनीश चंद्र, सीडीओ एनपी सिंह सहित काफी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे।