जितेंद्र दीक्षित
बहराइच। सरकार की प्राथमिकता में शामिल अपार पंजीयन को लेकर जिले के मदरसा संचालक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके चलते जिले के मदरसों में नामांकित कुल 28,095 बच्चों में से अब तक मात्र 14,173 बच्चों का ही अपार पंजीयन हो सका है। आलम यह है कि पंजीयन में दो माह में सिर्फ 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
जिले में 301 मान्यता प्राप्त और 495 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं। इनमें लगभग 28,095 बच्चे पंजीकृत हैं और उनके शिक्षणरत होने का दावा किया जाता है। वहीं, मदरसों के संचालक सरकार की अपार पंजीयन जैसी महत्वपूर्ण योजना को लेकर सजग नहीं दिख रहे हैं। यही कारण है कि यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों के अपार पंजीयन की रफ्तार बेहद सुस्त है और अब तक मात्र 50.45 प्रतिशत बच्चों का ही अपार पंजीयन हुआ है। ऐसा तब है, जब सरकार सख्ती के साथ अपार आईडी निर्माण करवा रही है। ताकि एक क्लिक पर छात्र-छात्राओं के सभी रिकॉर्ड सामने आ जाएं और उन्हें कोई असुविधा न हो।
बीते दो माह के प्रगति की बात करें तो यह प्रगति बेहद सुस्त है। फरवरी माह में पंजीयन लगभग 35 प्रतिशत था, जो अप्रैल में सिर्फ 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 50 प्रतिशत तक ही पहुंच सकी है।
पंजीकृत विद्यार्थियों के मौजूद होने पर भी संशय
सरकार की सख्ती व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी संजय मिश्रा के लगातार पत्राचार के बाद भी मदरसों में अपार पंजीयन की गति बढ़ नहीं रही है। इससे कहीं न कहीं पंजीकृत कुल विद्यार्थियों के वास्तविक रूप से मौजूद होने पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। चर्चाओं की मानें तो वास्तविक संख्या से ज्यादा बच्चे पंजीकृत कर विभिन्न योजनाओं व अनुदान का लाभ लिया जा रहा था। यही कारण है कि अपार पंजीयन की गति बढ़ नहीं रही है।
ब्लॉक- कुल बच्चे- अपार पंजीकृत- प्रतिशत
महसी- 2495- 1423- 57.03
नगर- 2312- 1473- 63.71
विशेश्वरगंज- 3763- 2653- 70.50
हुजूरपुर- 1813- 799- 44.07
फखरपुर- 1474- 639- 43.35
नवाबगंज- 1475- 943- 63.93
रिसिया- 89- 26- 29.21
कैसरगंज- 3910- 1397- 35.73
तेजवापुर- 2336- 982- 42.04
शिवपुर- 1621- 305- 18.82
बलहा- 2658- 694- 26.11
जरवल- 1679- 464- 27.64
चित्तौरा- 1708- 984- 57.61
मिहींपुरवा- 406- 225- 55.42
पयागपुर- 1594- 1352- 84.82
अपार पंजीकरण के लिए लगातार निर्देशित किया जा रहा है और सख्ती भी बरती जा रही है। जल्द ही लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। -संजय मिश्रा, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी