पेट्रोल पंपों पर घटतौली की जांच के लिए सोमवार को भी छापेमारी अभियान जारी रहा। जिला पूर्ति अधिकारी की अगुवाई में गठित टीम ने सिविल लाइंस, रोडवेज और केडीसी रोड स्थित पेट्रोल पंपों पर छापा मारा। इस दौरान केडीसी रोड स्थित पेट्रोल पंप की एक मशीन में घटतौली पाए जाने पर उसे सीज कर दिया गया है। मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने पेट्रोल पंपों के खिलाफ जांच अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार की अगुवाई में इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के सेल्स ऑफिसर सीताराममणि त्रिपाठी, निरीक्षक राजनारायण, सुधीर कुमार और पेट्रोलियम अनुभाग के रूपेश जैन की टीम ने सोमवार को सुबह 10 बजे से छापेमारी शुरू की।
इस दौरान सबसे पहले छापेमारी के लिए टीम केडीसी रोड स्थित बहराइच पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप पर पहुंची। यहां पांच लीटर पेट्रोल की तौल करवाई गई, जिसमें नाजिल से 50 एमएल पेट्रोल कम निकला। इस पर टीम ने मौके पर ही मशीन को सीज कर दिया। हालांकि इस पेट्रोल पंप पर लगी तीन अन्य मशीनें सही चलती मिलीं।
इसके बाद टीम ने रोडवेज स्थित राधेश्याम विनोद कुमार के हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप पर छापा मारा। यहां जांच-पड़ताल में सब कुछ ठीक पाया गया। वहीं, सिविल लाइंस स्थित मां भगवती फिलिंग स्टेशन पर भी टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान यहां भी कोई कमी नहीं पाई गई। पेट्रोल पंपों पर टीम की छापेमारी से संचालकों में हड़कंप मचा रहा।
सिविल लाइंस स्थित मां भगवती फिलिंग स्टेशन के पेट्रोल पंप पर दो मशीनें लगी हुई थीं। पेट्रोल देने वाली दोनों मशीनों पर पेट्रोल नहीं होने का नोटिस चस्पा था। लेकिन जब अधिकारी पहुंचे तो नाजिल से कर्मचारी तेल निकालकर नाप कराने लगे। इसे देखकर पेट्रोल डलाने के लिए पहुंचने वाले वाहन चालक भौचक रहे गए।
प्रशासन की ओर से लखनऊ में चिप लगाकर पेट्रोल पंपों से तेल की हो रही चोरी के खुलासे के बाद एक सप्ताह पूर्व छापेमारी अभियान शुरू किया गया। जिले में अभी तक लगभग 12 पेट्रोल पंपों की जांच की जा चुकी है। जिसमें मिहींपुरवा के कुड़वा स्थित मोदी फिलिंग स्टेशन की एक मशीन को चिप मिलने पर सीज कर दिया गया था। वहीं, सोमवार को केडीसी के सामने स्थित इंडियन आयल पेट्रोल पंप को घटतौली के मामले में सीज कर दिया गया है।