जरवल विकास खंड के रेवढ़ा गांव में पहुंचे टिड्डी दल।
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जरवल (बहराइच)। जरवल विकास खंड क्षेत्र में रविवार देर शाम बाराबंकी की ओर से टिड्डी दल आ गया। टिड्डियों को देखते ही किसान थाली व पीपा लेकर खेत में पहुंच गए। उन्होंने खेतों में पीपा व थाली बजाकर टिड्डियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन वे पेड़ों व गन्ने की फसल पर बैठ गईं। उन्होंने खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। लोग धुआं करके टिड्डियों को भगाने में लगे रहे।
टिड्डियों के दल ने शनिवार दोपहर बाद सीतापुर क्षेत्र से महसी तहसील क्षेत्र में प्रवेश किया था। शहर क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद टिड्डी दल श्रावस्ती की ओर चला गया था। इस पर लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन रविवार शाम करीब पांच बजे बाराबंकी जिले की सीमा से टिड्डी दल जरवल विकास खंड में प्रवेश कर गया। उड़ रहे टिड्डियों के दल को देखकर किसान खेतों में पहुंचे और पीपा व थाल बजाकर उन्हें भगाने की कोशिश की। लेकिन टिड्डियां काफी संख्या में गन्ने, पिपरमिंट के खेत व पेड़ पर बैठ गईं।
किसान उन्हें भगाने के लिए धुआं करते दिखे। हालांकि काफी शोर के चलते धीरे-धीरे टिड्डियों का दल गोंडा व बहराइच जिला मुख्यालय की ओर रवाना होने लगा। लगभग डेढ़ घंटे तक किसान परेशान रहे। जरवल विकास खंड के रेवढ़ा, तपेसिपाह, नौशहरा, सोहनसिंहपुरवा में टिड्डियों का दल दिखा। रेतीहाता व रेवढ़ा गांव में फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। इस मामले में जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय का कहना है कि धुआं व तेज आवाज के साथ दवा छिड़काव करके टिड्डियों को भगाया जा सकता है। किसान इसके लिए सचेत रहें।