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रैन बसेरे में ताले, फुटपाथ पर ठिठुर रहे लोग

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बहराइच के कलेक्ट्रेट में रैन बसेरा स्थल पर बंद ताला। - फोटो : BAHRAICH
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हराइच। तराई में ठंड ने दस्तक दे दी है। सर्द हवा चलने से लोग परेशान हैं। रात में तमाम लोग सड़कों की फुटपाथ पर एक चादर के सहारे ठिठुरते हुए रात गुजारने को मजबूर हैं। शहर में तीमारदार व रोडवेज बस यात्रियों के लिए ही व्यवस्था जिला प्रशासन की ओर से की गई है। आम जनमानस जिनके सिर पर छत का सहारा नहीं है, उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं जो रैन बसेरे बनाए गए हैं, वहां ताला लटकता रहता है। सर्द मौसम में आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से जिले में रैन बसेरे की व्यवस्था कराई गई है। जिला प्रशासन की ओर से रैन बसेरे की क्या व्यवस्था कराई गई है, इसकी हकीकत जानने के लिए अमर उजाला ने गुरुवार को स्थलीय जांच की।
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स्थल - धरना स्थल
नहीं बनाया गया रैन बसेरा
कलेक्ट्रेट धरनास्थल परिसर में हर बार लोगों के रुकने के लिए रैन बसेरे का निर्माण कराया जाता रहा, लेकिन इस बार यहां रैन बसेरा नहीं बनाया गया है। यहां के मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ है और रैन बसेरा स्थल पर झाड़ियां उगी हुई हैं।
स्थल - रोडवेज बस स्टेशन
लटक रहा ताला
रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों को राहत देने के लिए रैन बसेरे का निर्माण कराया गया है। रोडवेज बस से उतरने वाले यात्रियों को रैन बसेरे को ढूंढने के लिए थोड़ी मेहनत भी करनी पड़ेगी, क्योंकि वह थोड़ा अंदर बना हुआ है। यहां के रैन बसेरे में ताला लटकता नजर आया।
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स्थल - जिला अस्पताल परिसर
सैनिटाइज की कोई व्यवस्था नहीं
जिला अस्पताल परिसर में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। यहां पर आने वाले तीमारदारों के रुकने की व्यवस्था तो है, लेकिन सैनिटाइज करने की कोई व्यवस्था नहीं है। रैन बसेरे की देखरेख कर रहे प्रकाश ने बताया कि पांच से 10 तीमारदार आते हैं। एक बार सैनिटाइजर का छिड़काव हुआ है।
शहर में बनाए गए दो रैन बसेरे
शहर में दो रैन बसेरे बनाए गए हैं। जिला अस्पताल में तीमारदारों के रुकने की व्यवस्था की गई है, जबकि रोडवेज बस स्टेशन पर रात में यात्रियों को ठहरने के लिए, इसलिए वहां रात में खोला जाता है। धरनास्थल पर इस समय धारा 144 लागू होने के कारण रैन बसेरा नहीं बनाया गया है और पिछली बार कोई रुका भी नहीं था।
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- जय प्रकाश, नगर मजिस्ट्रेट
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