बहराइच। अब शराब की दुकानें, सब्जी व फल मंडी स्थल, राशन अनाज की दुकानें व अनाज डिपो भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की कार्रवाई के घेरे में आ सकेंगे। इन सभी प्रतिष्ठानों व दुकानों को संचालन के लिए एफएसडीए से फूड लाइसेंस लेना जरूरी होगा। शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने इस संबंध में संबंधित विभागों को नयी व्यवस्था के तहत शीघ्र ही पंजीकरण सुनिश्चित करवाने के लिए निर्देशित किया है।
अभी तक जिले में 351 देसी व विदेशी शराब की दुकानों को चलाने के लिए सिर्फ आबकारी विभाग, 1351 कोटे की राशन दुकानों को खाद्य आपूर्ति व रसद विभाग और मंडी स्थलों की दुकानों को मंडी प्रशासन से जारी लाइसेंस के आधार पर ही संचालित किया जाता रहा है। नयी व्यवस्था को लेकर शासन की तरफ से जारी निर्देश के बाद डीएम ने जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) व आबकारी विभाग के डीईओ को पत्र जारी कर दुकानों के फूड लाइसेंस एफएसडीए से बनवाने को निर्देशित किया है। डीएम डा. दिनेश चंद्र ने जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रताप सिंह व जिला आबकारी अधिकारी प्रगल्भ लवानिया को पत्र जारी कर खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग से समन्वय स्थापित कर सभी दुकानों के फूड लाइसेंस बनवाने के साथ ही खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की ओर से नमूना जांच को की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में भी पूर्ण सहयोग दिए जाने को कहा है।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा ग्रेड टू विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि शासन स्तर से जारी निर्देश में साफ किया गया है कि जो भी खाद्य सामग्री का कारोबार करेगा, उसको खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन से ही लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इन दुकानों की निगरानी और बिकने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परखने की जिम्मेदारी भी एफएसडीए के कार्यक्षेत्र में आएगी। किसी भी व्यवसायी को इसमें काई परेशानी होने पर वह सीधे मोबाइल नंबर 7054300640 पर उनसे संपर्क कर लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश के बाद डीएम द्वारा पूर्ति विभाग के डीएसओ व आबकारी विभाग के डीईओ को दुकानों के लाइसेंस बनवाने के लिए निर्देश दिया गया है। शीघ्र ही खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन दोनों विभाग के अधिकारियों सेे समन्वय स्थापित कर लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
घटिया व मिलावटी सामग्री पर लगेगी रोक
एफएसडीए के कार्यक्षेत्र में आने वाले शराब दुकानों के साथ ही कोटे की राशन दुकानों व मंडी स्थलों पर घटिया व मिलावटी सामग्री की बिक्री को सख्ती से रोकना संभव हो सकेगा। विभागीय स्तर पर इसके खाद्य सुरक्षा अफसरों के साथ ही नमूना जांच के लिए कई हाईटेक व संसाधनयुक्त लैब भी मौजूद है। इसके माध्यम से सैंपलिंग कार्रवाई में लिए जाने वाले नमूनों की त्वरित जांच होने से मिलावटी व घटिया सामग्री बेचे जाने पर प्रभावी स्तर से रोक लग सकेगी।
इन दुकानों को लेना होगा लाइसेंस
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पूर्ति महकमें ने 1315 दुकानों का लाइसेंस जारी किया है, जबकि आबकारी विभाग की ओर से देशी 206, विदेशी 66 और बियर की 79 दुकानों को लाइसेंस जारी किया है। शासन के निर्देश के बाद सभी दुकानों को अब खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
लाइसेंस बनवाने को ऑनलाइन आवेदन
आवेदक को एफएसडीए के विभागीय पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन करना होगा। लाइसेंस बनवाने की सभी प्रक्रिया आनलाइन है, विभाग की ओर से लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन का शुल्क सौ रूपए निर्धारित किया गया है, जबकि लाइसेंस की फीस न्यूनतम दो हजार और अधिकतम पांच हजार रूपए निर्धारित है। आवेदक को फीस भी आनलाइन ही जमा करना होगा।