बहराइच। दरगाह के मकई दरवाजा सिंहापरासी गांव निवासी एक दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट ने पांच वर्ष की बेटी के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जनपद श्रावस्ती के सोनवा क्षेत्र अंतर्गत एक गांव निवासी पिता ने दरगाह थाने में तहरीर दी थी। पिता ने कहा था कि वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ दरगाह शरीफ में आकर रह रहे थे। कहना है कि 23 फरवरी 2020, को दरगाह शरीफ के ठाकुर बाग पानी की टंकी के पास लेटे थे। रात दो बजे जब आंख खुली, तो उनकी पांच वर्षीय बेटी बिस्तर से गायब थी। आसपास पूछने पर जानकारी हुई कि एक बच्ची की लाश बोरी में दरगाह के टाड़ा बाग में पड़ी हुई है।
जब बोरी को खोलकर देखा, तो उसमें बेटी की लाश निकली। तहरीर के आधार पर थाने की पुलिस ने क्षेत्र के निवासी मोहम्मद रईस के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना रिपोर्ट कोर्ट में सौंप दी थी। बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दीपकांत मणि की कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाहों आदि के आधार पर दोषी को हत्या के मामले में 20 वर्ष के कठोर कारावास और पॉक्सो में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।