बहराइच। हरदी थाना क्षेत्र में 24 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड में शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाया। इस मामले में भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह समेत चार लोगों को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया है, जबकि हत्याकांड में शामिल विधायक के भाई व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि समेत पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषसिद्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अदालत का फैसला आने के दौरान कचहरी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। विधायक के तमाम समर्थक भी कचहरी में मौजूद रहे। विधायक के बरी होते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
हरदी थाना क्षेत्र के सिसैया चूड़ामणि गांव निवासी गोकरन सिंह, अमिरका सिंह, भतीजा नीरज सिंह, बजरंगी सिंह, उसके रिश्तेदार बलवीर सिंह व मुनीजर एक बैनामा के सिलसिले में 29 जून 1995 को बाइक से कैसरगंज तहसील गए थे। यहां से सभी लोग लौट रहे थे।
प्रधानी के चुनाव को लेकर गांव निवासी बृजेश्वर सिंह उर्फ धीरू सिंह से रंजिश चल रही थी। लौटते समय नथुवापुर मोड़ के निकट विधायक सुरेश्वर सिंह रायफल, बृजेश्वर सिंह उर्फ धीरू सिंह दोनाली बंदूक, कौशल किशोर उर्फ डिप्टी बंदूक, महराजदीन मिश्रा दोनाली बंदूक, बृजलाल कांता, ननकुन्ना साईं कांता, रमेश कुमार उर्फ राजू भुजवा, बिंद्रा लोध और अवधेश सिंह तमंचे लेकर सामने आ गए और सभी लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
सबसे पीछे की बाइक पर बैठे बलवीर सिंह और नीरज सिंह ने भागकर जान बचायी। गोकरन सिंह व भतीजे बजरंगी पर अंधाधुंध फायर किए गए। इस दौरान गोकरन सिंह व बजरंगी की मौत के बाद चचेरे भाई अमिरका सिंह को भी मौत के घाट उतार दिया गया। इस तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने केस दर्ज किया था।
शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सुनील कुमार मिश्र ने फैसला सुनाया। इसमें भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह, अवधेश सिंह, कौशल सिंह और राधा मोहन सिंह को दोषमुक्त करार दिया गया। जबकि विधायक के भाई और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि बृजेश्वर सिंह उर्फ धीरू सिंह, कौशल किशोर उर्फ डिप्टी, महाराजदीन मिश्रा, बृजलाल व राजू भुजवा को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी।
जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इन पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है। जेल में इनके द्वारा पूर्व में बितायी गयी सजा को समायोजित करने का भी निर्णय दिया गया है। अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषसिद्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
दो आरोपियों की हो चुकी मौत
तिहरे हत्याकांड में खैरीघाट थाना क्षेत्र के बकैना निवासी ननकुन्ना और सिसैया चूड़ामणि निवासी बिंद्रा लोध भी आरोपी थे। मुकदमे के ट्रायल के दौरान इन दोनों की मौत हो चुकी है।
पूरे दिन छावनी में तब्दील रही कचहरी
विधायक के मामले की सुनवाई को लेकर कोर्ट परिसर शनिवार की सुबह से ही छावनी में तब्दील रहा। पूरे कोर्ट में विधायक के समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ था। विधायक सुरेश्वर सिंह अपने समर्थकों के साथ एक स्थान पर बैठे हुए दिखाई दिए। पुलिस भी उनकी सुरक्षा को लेकर काफी आशंकित थी।
निचली अदालत से नहीं थी न्याय की आस
मुकदमे के वादी शिव मगन सिंह के अधिवक्ता आशीष रमन मिश्रा ने बताया कि परिवार की ओर से पहले से ही निचली अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं थी। मामला सत्तापक्ष के विधायक से जुड़ा होने के कारण पहले ही हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर रखी गयी है। जिसमें चार अक्तूबर को सुनवाई होनी है। इस याचिका में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दिए जाने की बात भी रखी गयी है।