बहराइच में रविवार सुबह के समय छाया रहा घना कोहरा। -संवाद
बहराइच। तराई में मौसम रोज करवट बदल रहा है। रविवार को सुबह से ही मौसम के तेवर सख्त रहे, गलन से लोग परेशान रहे। करीब आठ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली सर्द पछुआ हवा ने ठंड का असर और बढ़ा दिया। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री, जबकि अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कड़ाके की ठंड जनजीवन पर भारी पड़ रही है, आम गतिविधियां प्रभावित नजर आईं।
रविवार की सुबह घने कोहरे के साथ हुई। दृश्यता महज 16 मीटर तक सिमट गई, जिससे सड़कों पर सामने कुछ भी दिखाई नहीं पड़ रहा था। कोहरे के चलते सुबह के समय ट्रेन और बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। करीब 11 बजे के आसपास कोहरा तो छंट गया, लेकिन बदली और सर्द हवा के कारण लोगों की परेशानी कम नहीं हुई।
दोपहर में करीब आधे घंटे के लिए धूप निकली, जिससे लोगों को थोड़ी राहत की उम्मीद जगी, लेकिन जल्द ही धूप नदारद हो गई और ठिठुरन फिर से बढ़ गई। शाम होते-होते तापमान में गिरावट आने से लोग कांपने को मजबूर हो गए।
सबसे ज्यादा दिक्कत मजदूरी पेशा वर्ग के लोगों को हुई। लगातार धूप न निकलने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। पाला पड़ने से आलू और तिलहनी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका से किसान परेशान हैं।
आंचलिक मौसम विभाग के विशेषज्ञ एके सिंह के अनुसार अगले तीन-चार दिन तक तराई क्षेत्र में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा और दो से तीन दिन में पारा जमाव बिंदु की ओर भी लुढ़क सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल ठंड से राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
नानपारा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक सूर्यबली सिंह का कहना है कि तराई के इस मौसम में फसलों को विशेष निगरानी की जरूरत है। उन्होंने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी।