ककरहा रेंज के टेपराखैरी में वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद तेंदुआ। -स्रोत : विभाग
मिहींपुरवा (बहराइच)। ककरहा रेंज में 15 दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ बुधवार रात बकरी के लालच में वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। यह पहले एक किसान पर हमला कर चुका था। इसके पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज में आबादी के आसपास पखवाड़े भर से एक तेंदुआ उत्पात मचा रहा था। उसने कई मवेशियों पर हमला किया। करीब 15 दिन पहले टेपरा खैरी गांव में मवेशियों को चारा खिला रहे किसान महेश यादव पर हमला कर उन्हें लहूलुहान कर कर दिया था।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। ग्रामीणों की मांग और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वन विभाग ने गांव के पास पिंजरा लगाया और लगातार गश्त व निगरानी शुरू की। लगभग 12 दिन की निगरानी के बाद बुधवार रात बकरी के शिकार के लालच में तेंदुआ पिंजरे में जा फंसा।
तेंदुआ दो साल का, वजन 35 किलो
वन क्षेत्राधिकारी ककरहा डीपी कनौजिया ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है, जिसकी उम्र करीब दो वर्ष और वजन लगभग 35 किलो है। तेंदुए को वन रेंज कार्यालय लाया गया, जहां पशु चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। रिपोर्ट के मुताबिक तेंदुआ पूरी तरह स्वस्थ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार उसे जल्द ही जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा, जिससे वह अपने प्राकृतिक वास में लौट सके।