ककरहा रेंज के कारीकोट में तेंदए के हमले में घायल युवक।
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में तेंदुए के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार की रात तेंदुए ने जहां ककरहा वन रेंज में एक बकरी को निवाला बनाया तो वहीं सोमवार की दोपहर निशानगाड़ा वन रेंज में बकरी चराने गए युवक पर हमला कर घायल कर दिया। युवक को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती करवाया गया है। लगाता जारी हमलों से ग्रामीणों में दहशत है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा वन रेंज के तमोलिनपुरवा गांव में तेंदुए की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते बुधवार को जहां तेंदुए ने गांव निवासी बालिका शालिनी को मौत के घाट उतार दिया था तो वहीं एक तेंदुए पिंजरे में कैद भी हुआ था। इसके बावजूद तमोलियनपुरवा में तेंदुए की आवाजाही जारी है। रविवार की रात तेंदुए ने गांव निवासी राकेश के घर दस्तक दिया और घर में बंधी बकरी को उठा ले गया। इससे गांव में दहशत दोगुनी हो गई है।
वहीं निशानगाड़ा वन रेंज के बरगदपुरवा निवासी पप्पू(23) सोमवार की दोपहर कारीकोट वन चौकी के पास बकरी चरा रहे थे। इस दौरान सरसों के खेत से निकले तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। पप्पू चीखते हुए तेंदुए से भिड़ गया। ग्रामीणों को आता देख तेंदुआ पप्पू को छाेड़कर खेतोंं में भाग गया। हमले में पप्पू के हाथ, सीना और पेट पर घाव हो गए। सूचना पर वन दरोगा आदर्श कुमार, वन रक्षक कौशल किशोर, वाचर पंकज यादव मौके पर पहुंचे और घायल को इलाज के लिए पीएचसी सुजौली पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने पप्पू को सीएचसी मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया। घायल पप्पू के पिता बिंद्रा ने बताया कि तेंदुए ने तीन माह पहले लोहरा गांव में उसकी पांच बकरियों को भी मार डाला था।
मौके पर भेजे गए वनकर्मी
घटना की जानकारी मिलते ही वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। युवक का इलाज जारी है। घायल के साथ वाचर पंकज यादव भी सीएचसी में मौजूद हैं।
- सुरेंद्र श्रीवास्तव, वन क्षेत्राधिकारी