उर्रा (बहराइच)। कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र के प्रतापपुर गांव में गुरुवार को सुबह तेंदुए ने गश्त से लौट रहे उपनिरीक्षक, वन दरोगा समेत सात लोगों पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। सभी घायलों का निजी चिकित्सक के यहां इलाज कराया गया। हमले की सूचना पाकर मोतीपुर, मुर्तिहा पुलिस के साथ तीन रेंज के वनकर्मी गश्त कर रहे हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए जंगल क्षेत्र के पास जाल लगाया गया है। वन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया है।
कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत प्रतापपुर गांव जंगल से सटा हुआ है। गांव कतर्निया के साथ लखीमपुर खीरी के धौरहरा रेंज की सीमा से भी लगा हुआ है। गांव में सुबह सात बजे तेंदुआ आ गया। तेंदुए ने ग्राम पंचायत मजरा दुर्गागौढ़ी व पटहा गौढ़ी में जमकर उत्पात मचाया। तेंदुए ने हैंडपंप पर पानी भर रहे गांव निवासी शेखर (12) पुत्र प्रेमचंद पर हमला कर दिया। शेखर के शोर मचाने व भीड़ होने पर तेंदुआ दूसरी तरफ जाने लगा।
इस दौरान तेंदुए ने नित्यक्रिया के लिए जा रहे गांव निवासी सिपाही (25) पुत्र रामआसरे पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने उसे खदेड़ा तो इसी दौरान गांव निवासी भिखारी (18) पुत्र गार्गी प्रसाद, छोटेलाल (20) पुत्र माधव पर भी तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। उधर, गांव से गश्त कर लौट रहे मुर्तिहा कोतवाली के उप निरीक्षक राजकुमार रावत (50) पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया।
तेंदुए के उत्पात की सूचना पाकर मुर्तिहा और मोतीपुर पुलिस के साथ कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग व लखीमपुर खीरी के धौरहरा रेंज के वनकर्मी मौके पर पहुंचे। तेंदुए को पकड़ने के लिए वनकर्मियों ने जाल लगाना शुरू किया। इसी दौरान तेंदुए ने धौरहरा रेंज के वन दरोगा बृजेश शुक्ला (45) और वन रक्षक पर भी हमला कर दिया। तेंदुए के हमले से ग्रामीणों के साथ वनकर्मियों व पुलिसकर्मियों में दहशत रही। तेंदुआ सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक उत्पात मचाता रहा।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने जाल लगा दिया है, लेकिन अभी तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जा सका है। उधर प्रतापपुर गांव में पहुंचे तेंदुए के हमले में चार ग्रामीण घायल हुए हैं। इसकी सूचना पाकर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजनाधिकारी दबीर हसन मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल ग्रामीणों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी।