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पिता के पास सो रहे मासूम को खा गया तेंदुआ

Fri, 21 Jul 2017 09:47 PM IST
बहराइच
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रामगांव थाना क्षेत्र के मुकेरिया गांव में तेंदुए के हमले में बच्चे की मौत के बाद बिलखते परिवारीजन। - फोटो : अमर उजाला
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मुकेरिया गांव में छप्पर में पिता के साथ तख्त पर सो रहे मासूम को रात में दबे पांव आया तेंदुआ दबोचकर उठा ले गया। घर से 100 मीटर की दूरी पर बाग में मासूम का क्षत-विक्षत शव शुक्रवार सुबह मिला तो कोहराम मच गया। काफी देर बाद पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा।
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सभी ने घेराव कर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। अफरातफरी की स्थिति बन गई। ग्रामीण डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े थे। चार थानों की पुलिस बुलाई गई। काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण माने। दोपहर 12 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। तेंदुए को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। घटना से क्षेत्र के लोगों में काफी दहशत है। 

बहराइच वन प्रभाग के रामगांव थाना अंतर्गत मुकेरिया गांव सरयू के कछार में बसा हुआ है। गांव निवासी रमेश पाल अपने आठ वर्षीय पुत्र संजय कुमार के साथ घर के बाहर स्थित छप्पर के नीचे तख्त पर सो रहे थे। रात 12 से एक बजे के मध्य जब रमेश पाल गहरी नींद में थे। तभी दबे पांव आया तेंदुआ पिता रमेश के बगल में लेटे संजय को जबड़े में दबोच ले गया।
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घर से 100 मीटर की दूरी पर स्थित बाग में उसका निवाला बना लिया। सुबह रमेश जब जगे तो बेटे को न पाकर खोजबीन शुरू की। घर के अंदर भी बेटे के न होने पर सभी सकते में आ गए। जब खोजबीन की जा रही थी। इसी दौरान नित्य क्रिया के लिए निकले ग्रामीणों ने संजय का क्षत-विक्षत शव बाग में पड़े होने की सूचना दी।

इससे घर में कोहराम मच गया। लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। संजय का सिर व धड़ अलग-अलग पड़ा था। धड़ का एक बड़ा हिस्सा तेंदुए का निवाला बन गया था। सूचना पाकर गांव के लोग एकत्रित हो गए। सुबह पांच बजे पुलिस और वन विभाग को घटना से अवगत कराया गया लेकिन लापरवाही का आलम यह रहा कि आठ बजे के आसपास पुलिस और वनकर्मी पहुंचे। इस पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

पुलिस और वन विभाग का घेराव कर सभी ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। अफरातफरी की स्थिति बन गई। सूचना एसपी को दी गई। आनन-फानन में रामगांव के अलावा खैरीघाट, नानपारा, हरदी थाने की पुलिस बुलाई गई।

इसके अलावा सीओ महसी श्रेष्ठा ठाकुर, सीओ नानपारा प्रवीन कुमार, एसडीएम महसी नागेंद्र कुमार, डीएफओ बहराइच वन प्रभाग आरपी सिंह, रेंजर रुस्तम परवेज भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को काफी समझाया बुझाया गया।

सुरक्षा का आश्वासन दिया गया। तब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने शव उठाने दिया। लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वन क्षेत्राधिकारी रुस्तम परवेज ने बताया कि गांव से बाग तक पगचिह्नों की जांच की गई है। मादा तेंदुए के हमले की पुष्टि हुई है। तेंदुए को पकड़ने के इंतजाम किए जा रहे हैं। 

वन क्षेत्राधिकारी रुस्तम परवेज ने बताया कि मादा तेंदुआ अरसे से क्षेत्र में हमलावर है। गांव से दो किलोमीटर की दूरी पर सिकाकाई का जंगल है। जिसे शायद तेंदुओं ने प्राकृतिक वास बना लिया है। घना जंगल होने के चलते अंदर टीमें नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और लखनऊ के विशेषज्ञों से तेंदुए को पकड़ने के लिए मदद मांगी गई है। 

डीएफओ आरपी सिंह और वन क्षेत्राधिकारी रुस्तम परवेज ने बताया कि पुलिस और वन विभाग की दो संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। पांच-पांच सदस्यीय टीम 12-12 घंटे क्षेत्र में कांबिंग करेंगी। टीम की अगुवाई वन क्षेत्राधिकारी रुस्तम परवेज व सीओ नानपारा प्रवीन कुमार करेंगे। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक व रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक कांबिंग चलेगी। ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जाएगा।
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