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वनरोज की जगह जाल में फंसा तेंदुआ

Mon, 01 Feb 2016 09:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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राजीचौराहा (बहराइच)। महसी क्षेत्र में रविवार रात वनरोज का शिकार करने पहुंचे शिकारी अचानक अपने सामने तेंदुआ पाकर भाग खड़े हुए।
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दरअसल, जो जाल उन्होंने वनरोज के लिए लगाया, उसमें तेंदुआ फंस गया। शिकारियों के शोर मचाने पर ग्रामीण दौड़े तो तेंदुए को फंसा देख तत्काल वन विभाग को सूचना दी।

रात में ही पहुंची वन विभाग की टीम ने लखनऊ चिड़ियाघर से डॉ. उत्कर्ष को बुलाया। उन्होंने तेंदुए को ट्रैंक्युलाइज कर काबू में किया। उसे पिंजरे में बंद कर लखनऊ चिड़ियाघर ले जाया गया है। फंदे में फंसने से तेंदुआ जख्मी भी हुआ है। लखनऊ चिड़ियाघर में ही उसका इलाज होगा।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से भटक कर आया तेंदुआ बहराइच वन प्रभाग के महसी क्षेत्र में पहुंच गया था। एक माह से वह लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना था।

तीन जनवरी को यह तेंदुआ सरयू के कछार से निकलकर उदवापुर गांव में आबादी के पास पहुंच गया था। ग्रामीणों को देखकर वह पेड़ पर चढ़ गया था। वन विभाग को भी उसने काफी छकाया था।

तेंदुए की पुष्टि होने के बाद से वन विभाग उसे जंगल की ओर भेजने के लिए कांबिंग में जुटा हुआ था लेकिन सफलता नहीं मिली। हर दूसरे-तीसरे दिन सरयू और घाघरा के कछार में तेंदुए के मौजूदगी की पुष्टि हो रही थी।

रविवार रात सिंगिया नसीरपुर के नट बिरादरी के लोग वनरोज के शिकार के लिए सरयू के कछार में ग्राम पूरे गंगा पहुंचे। यहां शिकारियों ने गांव निवासी नवमीलाल के गन्ने और गेहूं के खेत के बीच में जाल लगा दिया।

इसके बाद खेत के दूसरे छोर से हांका लगाकर वनरोज को फंसाने की कोशिश की। लेकिन, वनरोज तो दूसरे रास्ते से निकल गया और गन्ने के खेत में छिपा बैठा तेंदुआ जाल में जा फंसा।

तेंदुए को जाल में फंसा देखकर शिकारी शोर मचाते हुए भाग खड़े हुए। शोर सुनकर गांव के लोग रामखेलावन की अगुवाई में मौके पर पहुंचे तो तेंदुआ देखकर सन्न रह गए।
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तत्काल महसी चौकी प्रभारी ब्रह्मानंद सिंह को सूचना दी गई। चौकी प्रभारी ने प्रभागीय वनाधिकारी अखिलेश पांडेय को अवगत कराया।

रात में ही वन क्षेत्राधिकारी रुस्तम परवेज की अगुवाई में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई लेकिन तेंदुए को काबू में करना मुश्किल हो रहा था।

इस पर रात में ही लखनऊ चिड़ियाघर के चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला को बुलाया गया। उन्होंने रात दो बजे के आसपास मौके पर पहुंचकर ट्रैंक्युलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश कर काबू में किया। फिर उसे पिंजड़े में बंद कर लखनऊ चिड़ियाघर ले जाया गया है।
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