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Bahraich News: घर के सामने टहल रहे युवक पर तेंदुए का हमला, संघर्ष कर बचाई जान

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आजमगढ़पुरवा में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजड़ा।  - फोटो : आजमगढ़पुरवा में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजड़ा।
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बिछिया। कतर्नियाघाट के निशानगाड़ा रेंज में शनिवार देर रात घर के सामने टहल रहे युवक पर तेंदुए ने हमला कर दिया। युवक ने तेंदुए से पांच मिनट तक संघर्ष कर अपनी जान बचाई। हमले में गंभीर रूप से घायल युवक को पीएचसी सुजौली में भर्ती कराया गया है।
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ग्राम पंचायत कारीकोट के भट्टा बरगद पुरवा गांव निवासी तुलसीराम (20) शनिवार रात 9:30 बजे घर के सामने टहल रहे थे, तभी खेत से निकले तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। तुलसीराम ने शोर मचाते हुए पांच मिनट तक तेंदुए से संघर्ष किया। इस दौरान घर व आसपास के लोग पहुंचे तो खेत की ओर भाग निकला। हमले में तुलसीराम के सिर पर तेंदुए के पंजे से गहरा घाव हुआ है। उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं, जिससे तेंदुए के हमले बढ़ते जा रहे हैं। डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि ग्रामीणों को सजग करते हुए टीमों को चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

आजमगढ़ में बच्चे को मारने के बाद फिर उसके घर में घुसा तेंदुआ
निशानगाड़ा रेंज के आजमगढ़ पुरवा गांव में शुक्रवार रात तेंदुआ घर में घुस कर सात वर्षीय रघुवीर को खींच ले गया था। खेत में बालक का शव मिला था। इस घटना के बाद शनिवार रात बरगद पुरवा गांव में युवक पर हमला कर तेंदुआ एक बार फिर आजमगढ़ पुरवा में मृतक बच्चे के घर में घुस गया। हालांकि, ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए हाका लगाकर उसे भगाया। वन क्षेत्राधिकारी सुरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को आजमगढ़ पुरवा में घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर जसवंत के खेत में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है।
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शावकों के साथ लगातार दिख रही मादा तेंदुआ
आजमगढ़पुरवा गांव निवासी मुनीम कुमार, विद्यासागर, अनुज, मिथिलेश और रामआसरे सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि एक मादा तेंदुआ अपने तीन शावकों के साथ लगातार गांव के आसपास दिखाई दे रही है, जिससे दहशत का माहौल है।
...तो बच सकती थी बच्चे की जान
ग्रामीणों का कहना है कि 19 फरवरी को गांव निवासी अमृतपाल सिंह ने खेत के बीच एक पेड़ के नीचे घूमते हुए तेंदुए के चार शावकों का वीडियो बनाया था। इसकी सूचना भी वन विभाग को दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उसी समय वन विभाग तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम करता, तो शायद बच्चे की जान बच सकती थी और तेंदुआ इतना आक्रामक भी नहीं होता।
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