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Bahraich News: एलएडीसी बनी सहारा, गरीब व असहाय 153 बंदियों को कराया रिहा

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बहराइच। पैरवी के अभाव में जेलों की सलाखों में कैद गरीब व असहाय बंदियों के लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) उम्मीद की किरण बन रही है। बहराइच में सत्र व मजिस्ट्रेट अदालतों में विचाराधीन मामलों में निरुद्ध ऐसे 153 बंदियों को जेल की सलाखों से मुक्त कराने का काम किया। एलएडीसी ने अपने गठन से 19 माह के दौरान 47 मामलों का निस्तारण कराकर बंदियों को न्याय दिलाया।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत मई 2024 में बहराइच में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम का गठन किया गया। टीम में मुन्नूलाल मिश्र को चीफ एलएडीसी, फिरोज अहमद खान को डिप्टी एलएडीसी तथा प्रशांत कुमार शुक्ला व ऋषभ पाठक को असिस्टेंट एलएडीसी नियुक्त किया गया। एलएडीसी टीम ने कार्यभार संभालते ही सत्र एवं मजिस्ट्रेट न्यायालयों में लंबित विभिन्न प्रकृति के मामलों की समीक्षा शुरू की। इनमें हत्या, पाॅक्सो, एनडीपीएस, तस्करी समेत गंभीर प्रकृति के मुकदमे शामिल थे, जिनमें बंदी कई महीनों से जेल में निरुद्ध थे। पैरवी के अभाव में उनके मुकदमे लंबित पड़े थे और रिहाई संभव नहीं हो पा रही थी।

जिले में एलएडीसी के अस्तित्व में आने के बाद 19 माह के दौरान टीम को कुल 413 मुकदमे आवंटित किए गए। टीम ने सभी मामलों की पत्रावलियों की गहन पड़ताल की और जेल में निरुद्ध बंदियों से मुलाकात कर आरोपों की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद विधिक प्रक्रिया के तहत याचिकाएं तैयार कर संबंधित न्यायालयों में प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप 153 बंदियों को जमानत पर रिहा कराया गया, जबकि 47 मामलों में निर्णय कराकर बंदियों को दोषमुक्त कराया गया।
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फर्जी मुकदमों में फंसे बंदियों को मिला न्याय
जिला कारागार में जांच करने एलएडीसी टीम गई। जांच के दौरान एक दर्जन से अधिक ऐसे मामले सामने आए, जिनमें अभियुक्तों द्वारा कोई अपराध किया जाना नहीं पाया गया। आरोप है कि विरोधियों ने पुलिस से सांठगांठ कर रंजिशन मुकदमों में उन्हें फंसा दिया था।
गंभीर मुकदमों में भी दिलाई गई रिहाई
चीफ एलएडीसी मुन्नूलाल मिश्र ने बताया कि हत्या के दो, जान से मारने के प्रयास के दो, एनडीपीएस के 11, गैंगस्टर के दो और पाॅक्सो के एक मुकदमे में अभियुक्त लंबे समय से जेल में बंद थे। इन मामलों में कोई निजी अधिवक्ता नहीं था। एलएडीसी को मुकदमे आवंटित होने के बाद कड़ी पैरवी कर सभी बंदियों की रिहाई सुनिश्चित कराई गई।
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मई 2024 से दिसंबर 2025 तक मुकदमों की स्थिति

एलएडीसी को आवंटित मुकदमे – 413

वर्तमान में विचाराधीन मुकदमे – 180

निस्तारित मुकदमे – 47

निजी अधिवक्ताओं को स्थानांतरित मुकदमे – 186

दिसंबर 2025 तक रिहा बंदी – 153

दिसंबर 2025 तक जमानत पर छूटे कुल बंदी – 258
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