पांच सौ व हजार के नोट बंद होने के बाद पैदा हुई कैश की किल्लत जिले में मंगलवार को गहरा गई। कैश खत्म होने के चलते मंगलवार दोपहर ज्यादातर बैंक बंद हो गए। बैंक पहुंचने वाले निराश लौटे। कैश के अभाव में कई स्थानों पर झड़प की स्थिति बनी। धक्का मुक्की से उपभोक्ता परेशान हुए।
बड़े नोटों की बंदी के 13 दिन बाद भी जिले की बैंकों को पर्याप्त कैश नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते मंगलवार को भी कैश निकालने पहुंचे लोगों को काफी दिक्कत हुई। लोग सुबह आठ बजे से बैंक और एटीएम पर पहुंचने लगे। शहर के बैंकों से सुबह लोगों को किसी तरह भुगतान मिला लेकिन कस्बों और ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में कैश की कमी के चलते उपभोक्ताओं को लौटा दिया गया।
फखरपुर स्थित इलाहाबाद बैंक और इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक में सुबह 11:30 बजे कैश खत्म हो गया। बैंक पहुंचे लोग व्यवस्था पर झल्लाते दिखे। बैंक कर्मियों से झड़प भी हुई। इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की जगन्नाथपुर शाखा में पैसा निकालने पहुंचे लोग कैश के अभाव में बैरंग लौटे। बैंक प्रबंधक जनमुल हक का कहना था कि कैश नहीं तो भुगतान कैसे करें।
इस पर गुस्साए लोगों ने मार्ग जाम कर आंदोलन की चेतावनी दी। यही हाल रुपईडीहा के बैंकों का भी था। सेंट्रल बैंक में कैश की कमी के चलते दोपहर में ही ताला लटक गया। इसके चलते लोग बैंक में प्रवेश नहीं कर सके। गौरतलब हो कि जिले में विभिन्न बैंकों की 170 शाखाएं हैं।
इनमें 140 शाखाओं में मंगलवार दोपहर कैश खत्म होने के बाद जमा भीड़ और बैंक कर्मियों में झड़प की नौबत बनी। जैसे-तैसे मौजूद पुलिसकर्मियों ने हालात को संभाला। कैश की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्र के एटीएम मंगलवार को भी बंद रहे।
शहर के 36 में 28 एटीएम खुले तो दोपहर तक उनमें भी कैश खत्म हो गया। इसके चलते कैश निकालने के लिए लंबी लाइन में खड़े लोगों को काफी परेशानी हुई।