पांच सौ व हजार के नोट बंद होने के बाद जिले में करेंसी की कमी के चलते हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। सोमवार को बैंक खुले तो बड़ी संख्या में ग्राहक नोट बदलने व कैश निकालने को उमड़ पड़ी। फोर्स की कमी के चलते कई बैंकों में समय से लेनदेन शुरू नहीं हो सका। इससे अफरातफरी मची।
विशेश्वरगंज की पुरैना इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में भुगतान में देरी पर नाराज लोगों की कर्मचारियों से हाथापाई हो गई। इसके बाद भगदड़ मचीं जिसमें दो महिलाओं समेत 13 लोग चोटिल हो गए। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। अन्य बैंकों में भी सुरक्षा की अव्यवस्था के चलते लेनदेन प्रभावित रहा।
बड़े नोटों की बंदी के इतने दिन बाद भी लोगों की कैश की जरूरत बैंक पूरा नहीं कर पा रहे हैं। बैंकों में लगातार भीड़ उमड़ रही है। इसके लोगों के दूसरे कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार को बैंकों के खुलने से पहले ही सुबह उमड़ पड़ी। विशेश्वरगंज क्षेत्र में पुरैना स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में सुबह नौ बजे बैंक कर्मी पहुंच गए लेकिन थाने से सुरक्षा कर्मी नहीं भेजे गए।
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर बैंक प्रबंधक ने कैश का लेनदेन नहीं शुरू किया। इस पर बैंक के सामने जमा लोग भड़क उठे। नारेबाजी व प्रदर्शन कर रहे लोगों की बैंक कर्मियों से भिड़ंत हो गई। हाथापाई होते ही भगदड़ मच गई जिसकी चपेट में आकर कुरसहा निवासी राबिया (60) बेहोश हो गई।
निशक्त कमलेश कुमारी, बृजवासीपुरवा निवासी लखपता, सुग्गानगर निवासी सावित्री देवी, जोगनी निवासी शमशुदनिशा, साबिरा बानो, उरेहरी देवी, प्रेमा देवी, हरिचरन शुक्ला, कलावती, जैतुना समेत 13 लोग चोटिल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें सीएचसी पहुंचाया। कुछ देर बाद राबिया को होश आया।
इस घटना की सूचना के बावजूद 11 बजे विशेश्वरगंज की पुलिस बैंक पहुंची। तब किसी तरह भीड़ को नियंत्रित कर लेनदेन शुरू हो सका। ऐसे ही हालात हरदी, महसी, शिवपुर, मिहींपुरवा, उर्रा, चिलवरिया, पयागपुर, फखरपुर, नंदवल, जरवल, कैसरगंज, हुजूरपुर, वजीरगंज के बैंकों में भी रहे।