विकास खंड तेजवापुर के केशवापुर गांव में खसरा फैल गया है। खसरे से पीड़ित एक किशोर की सोमवार को दोपहर मौत हो गई, जबकि 18 और लोग पीड़ित हैं। इनमें आधे से अधिक बच्चे हैं। गांव में खसरा फैलने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई, लेकिन अब तक गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची है, जिससे खसरा पीड़ित जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं।
विकास खंड तेजवापुर की ग्राम पंचायत कटहा के मजरा केशवापुर में दो दिनों से खसरे का प्रकोप है। पहले गांव के लोगों ने सामान्य बुखार समझा, लेकिन जब एक के बाद एक बच्चे और किशोर चपेट में आने लगे, तब खसरा होने की जानकारी हुई। गांव निवासी हिमांशु गौतम (15) पुत्र श्रीपाल गौतम को पहले बुखार आया, फिर शरीर पर लाल दाने निकल आए। हिमांशु असहनीय दर्द से छटपटा रहा था।
दोपहर में हिमांशु की हालत गंभीर होने पर परिवारीजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उसकी मौत हो गई। उधर, गांव निवासी प्रांसी (11), चंदन (6), राजेश (26), शिवा (3), पप्पू (2), रामू (4), बब्बू (6) समेत 18 लोग खसरे की चपेट में हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। गांव निवासी राजेश कुमार और बाबादीन ने बताया कि खसरा फैले होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग के जिला मुख्यालय स्थित जिम्मेदार अधिकारियों को दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते किशोर हिमांशु की मौत हो गई। जबकि अन्य बच्चे जिंदगी-मौत से संघर्ष कर रहे हैं।
नहीं थी जानकारी, भेजी जाएगी टीम
केशवापुर गांव में खसरा फैलने की जानकारी नहीं थी। अब टीम भेज रहे हैं। संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष के चिकित्साधिकारी गांव में कैंप कर रोगियों का उपचार करेंगे। खसरा फैले होने के बावजूद क्षेत्रीय चिकित्सक और चिकित्सा कर्मी गांव क्यों नहीं पहुंचे। जिला मुख्यालय सूचना क्यों नहीं उपलब्ध करायी। इस मामले में जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुरेश सिंह, सीएमओ