बहराइच। मसूदनगर बस्थनवा गांव निवासी एक महिला ने आशा बहू और उसके पति पर रुपईडीहा स्थित अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान किडनी बेच देने आरोप लगाते हुए तहरीर दी। नानपारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। मेडिकल कॉलेज के सर्जन ने महिला का चेकअप किया तो पता चला कि आयुष्मान योजना के तहत रुपईडीहा में उसका बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था। महिला को जन्मजात किडनी नहीं है।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत मसूदनगर बस्थनवा गांव निवासी जगदीश की पत्नी जनका देवी के पेट में काफी दिनों से दर्द हो रहा था। इस पर उसने आशा बहू सुमन शाह से संपर्क किया। आशा बहू ने बेहतर इलाज के लिए 25 हजार रुपये लिए। इसके बाद आशा बहू ने अपने पति बाबादीन की मदद से जनका को जिला मुख्यालय ले जाने के बजाय रुपईडीहा स्थित रामजानकी डिजिटल अस्पताल में भर्ती करा दिया।
19 अक्तूबर को जनका का ऑपरेशन हुआ। 24 को अस्पताल ने उसे छुट्टी दे दी। पेट दर्द कम न होने पर जनका ने जिला मुख्यालय में अल्ट्रासाउंड कराया। जिसमें किडनी न होने की बात सामने आई। जनका के पति जगदीश ने आशा बहू व उसके पति पर किडनी बेचने का आरोप लगाया। मामले की जानकारी पर नानपारा पुलिस हरकत में आई।
नानपारा इंस्पेक्टर हर्षवर्द्धन सिंह ने उपनिरीक्षक सुदामा सिंह को मामले की छानबीन के निर्देश दिए। उपनिरीक्षक ने जनका को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। प्रभारी सीएमएस डॉ. हीरालाल ने सर्जन से जांच व अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए लिखा। मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. एफआर मलिक ने जनका की जांच की। डॉ. मलिक ने बताया कि आरोप निराधार है। जनका को जन्मजात एक ही किडनी है। किसी-किसी व्यक्ति में ऐसा पाया जाता है।