बहराइच। कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के पांच सदस्यीय दल ने मंगलवार को कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार का दौरा कर सैलानियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।
क्लब सदस्यों ने दावा किया है कि इस सीजन में सैलानियों को वन्य जीव विहार में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। भ्रमण के दौरान नदी के तट पर मिले दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को सभी ने गेरुआ नदी में छोड़ा।
551 वर्ग किमी में फैला कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खुल जाएगा। इसके लिए क्लब के पांच सदस्यीय दल ने वन विभाग की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया।
क्लब अध्यक्ष भगवान दास लखमानी ने बताया कि मोतीपुर, ककहरा, मुर्तिहा, निशानगाड़ा, कतर्निया आदि रेंजों में सैलानियों के ठहरने के लिए विश्राम भवन, थारू हट की व्यवस्था की गई है।
गेरूआ नदी के किनारे ट्री हट बनवाया जा रहा है, जहां से पयर्टक नदी में उछलकूद करने वाली डॉल्फिनों का मनोरम दृश्य देख सकेंगे। इसके अलावा प्राकृत परिचय केंद्र भी स्थापित किए गए हैं।
यहां वन्यजीवों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सैलानियों को दिखाई जाएगी। संरक्षित वन क्षेत्र में कैंटीन का भी प्रबंध किया गया है। इसमें विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों को बनाने की व्यवस्था होगी, जिससे पयर्टक अपनी पसंद के खाने का लुत्फ उठा सकेंगे।
लखमानी ने बताया कि गाइड की मदद से वन्य जीवों को भी देखा जा सकता है। दल में राजीव सिन्हा, रामेशर यादव, सुनील वर्मा, हर्षिता लखमानी आदि लोग थे।