बिछिया (बहराइच)। कतर्नियाघाट सेंक्चुरी क्षेत्र नए वर्ष में पर्यटकों के दीदार के लिए पूरी तरह से तैयार है। थारू हट व विश्राम गृह फुल हो गए हैं। ठंड के बावजूद लगातार पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। जंगल भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद न्यूजीलैंड की बोट और गुदगुदी का पेड़ है। पेड़ पकड़ते ही कंपन्न करने लगता है। इसके अलावा पर्यटक विभिन्न जीव-जंतुओं का दीदार करते हैं।
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी क्षेत्र 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। जंगल क्षेत्र में बाघ और तेंदुओं के अलावा वनरोज, जंगली हाथी, चीतल, पाढ़ा, घड़ियाल और मगरमच्छ की उछलकूद लोगों को आकर्षित करती है। नए वर्ष में पर्यटकों के स्वागत के लिए कतर्नियाघाट पूरी तरह से तैयार है। सेंक्चुरी क्षेत्र में बने थारू हट, विश्राम गृह सभी फुल हो गए हैं। भीषण ठंड पड़ने के बाद भी पर्यटक प्रतिदिन कतर्नियाघाट भ्रमण के लिए आ रहे हैं। इससे पर्यटन विभाग को आमदनी हो रही है। इस बार पर्यटकों को न्यूजीलैंड की बोट से बोटिंग करने का अलग ही आनंद मिलेगा। साथ ही कतर्नियाघाट रेंज में स्थित ग्रासलैंड के निकट गुदगुदी का पेड़ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र है। पेड़ को स्पर्श करते ही वह कंपन्न करने लगता है। जबकि जंगल भ्रमण के लिए लायन सफारी व जिप्सी तैयार है। यह वाहन पर्यटकों को कतर्निया की आबोहवा और प्राकृतिक छटा का दर्शन कराएगी। इस बार वन निगम की ओर से पर्यटकों के लिए लेपर्ड कैंप व टाईगर कैंप भी बुकिंग पर दिए जा रहे हैं। बस पर्यटक कतर्निया पहुंचे। जो कहीं नहीं दिखेगा, वह कतर्निया में देखने को मिलेगा।
टाइगर कैंप का 3150 व बोटिंग का 2100 रुपये है शुल्क
वन निगम के व्यवस्थापक डेविड सिंह ने बताया कि कतर्नियाघाट रेंज परिसर में लेपर्ड कैंप व टाइगर कैंप स्थित है। टाइगर कैंप में ठहरने के लिए पर्यटकों को प्रतिदिन 3150 रुपये देने होंगे। जबकि न्यूजीलैंड की बोट से बोटिंग के लिए 2100 रुपये देने पड़ेंगे।
कतर्नियाघाट के आकर्षण
डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि कतर्नियाघाट में महादेवा ताल, न्यूजीलैंड की बोट से बोटिंग, गुदगुदी का पेड़, कतर्निया बंधा, घड़ियाल टापू (घड़ियाल व मगरमच्छ का प्राकृतिक वास), बाघ, तेंदुए दिखाई देंगे।
ऐसे पहुंचें कतर्नियाघाट
जिला मुख्यालय से कतर्नियाघाट जाने के लिए 100 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। बिछिया से कतर्नियाघाट की दूरी मात्रा चार किलोमीटर है। अपने निजी साधन से सड़क मार्ग द्वारा पहुंचे। कतर्निया का भ्रमण कर आनंद उठाएं।