पर्यटन सत्र के शुभारंभ पर सांसद व विधायक को स्मृति चिह्न देते अधिकारी। - स्रोत : विभाग
बिछिया। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में पर्यटन सत्र का शुभारंभ शनिवार को धूमधाम के साथ हुआ। सुबह से ही सजावट से गुलजार मुख्य द्वार और नाव घाट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजे पांच वाहन को सांसद आनंद जंगल सफारी के लिए तैयार खड़े थे, जिन्हें सांसद आनंद गौड़ और बलहा विधायक सरोज सोनकर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर मुख्य अतिथियों ने थारू महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प व उत्पादों की प्रदर्शनी को देखकर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान कतर्नियाघाट वन क्षेत्र अधिकारी आशीष गौड़ व प्रभागीय वन अधिकारी सूरज सिंह ने व्यवस्थाओं की निगरानी की।
वहीं पर्यटन प्रभारी मयंक पांडेय और उत्तर प्रदेश वन निगम के अनुभाग अधिकारी कबीर दास आदि भी मौजूद रहे। इस दौरान पर्यटकों की सुरक्षा व गाइडेंस के लिए नियुक्त ड्राइवर व गाइड आदि वर्दी में मुस्तैद रहे।
सबसे पहले पहुंचे लखीमपुर के पर्यटक : कतर्नियाघाट के खुलते ही शनिवार को 125 पर्यटक कतर्निया के जंगलों की सैर के लिए पहुंचे। सबसे पहले लखीमपुर खीरी के उमेश राज अपने परिजनों के साथ पहुंचे।
बोटिंग न होने से पर्यटक मायूस
चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज के फाटक बंद होने से गेरुआ नदी का जलस्तर घट गया है, इस कारण इस बार पर्यटक जंगल खुलने के पहले दिन बोटिंग का आनंद नहीं ले सके। नाव विहार न होने से कई पर्यटक निराश दिखाई दिए।
कारीकोट में बन रहा हेलीपैड
सांसद आनंद गौड़ ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कारीकोट में हेलीपैड निर्माण कार्य प्रगति पर है, जो दूरस्थ पर्यटकों के लिए यह बड़ी सुविधा होगी। इसके अलावा, थारू हटों का विकास, ठहरने की व्यवस्था और ग्रामीण उत्पादों की बिक्री जैसे कई प्रयास जारी हैं। कारीकोट को राष्ट्रीय पर्यटन का पुरस्कार भी मिल चुका है।