बहराइच ( ब्यूरो)। दीपोत्सव पर घर, आंगन, गली-मोहल्ले से लेकर पूजा जहां रोशन है। पर्व के उल्लास में हर चेहरे पर चमक है।
महालक्ष्मी के स्वागत में दुल्हन की तरह सजे घर और प्रतिष्ठान में तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इन्हें बंदनवार और झालरों से सजाया गया है।
रंगोली बनाकर लोग मां लक्ष्मी की आवाभगत करने में जुटे हैं। इंतजार है तो बस शाम होने का। शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी।
इससे पूर्व मंगलवार को दिनभर बाजार में चहल-पहल रही। पूजा के लिए गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं, लइया, खील, बताशे, गट्टे और चीनी के खिलौने खरीदने के लिए रात तक लोग बाजार में उमड़ते रहे।
वहीं, शाम होते ही मकान-दुकान और मंदिर विद्युत झालरों से जगमगा उठा। बाजार और गली-मोहल्लों की रौनक देखते ही बनी।
लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त
पयागपुर के इमलियागंज निवासी पंडित इंदुभूषण मिश्र ने बताया कि महालक्ष्मी पूजन के लिए बुधवार को लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त दुकानों में दोपहर 12:49 बजे से 2:20 बजे तक व घरों में शाम 05:26 बजे से रात 07:23 बजे तक है।
इस मुहूर्त में दीपक जलाने के साथ ही मां लक्ष्मी की आराधना करने से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होगी।
महाकाली की पूजा का समय
पंडित इंदुभूषण मिश्र ने बताया कि दीपावली का पर्व मंत्रों की सिद्धि का पर्व भी है। महाकाली की आराधना कर तंत्र साधक मंत्रों की सिद्धि कर सकते हैं। इसके लिए रात 11:55 बजे से रात 2:00 बजे तक शुभ समय है।
चौक लगाकर जलाएं दीपक
दीपावली के मौके पर शाम को शुभ मुहूर्त में दीप जलाने से पहले सुहागिन या बालिका को पूजा स्थल पर हल्दी व चूना से चौक बनाना होगा। इसके बाद घी का दीपक जलाएं तो महालक्ष्मी घर में विराजमान रहेंगी।
विशेष पूजन होगा
शहर के डिगिहा मोहल्ले में स्थित मां संहारिणी माता मंदिर में बुधवार रात 7 बजे से विशेष पूजा अर्चना होगी। मंदिर के महंत ओम प्रकाश पाठक ने बताया कि पूजा अर्चना के दौरान मां लक्ष्मी की आराधना की जाएगी।