फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

श्रावस्ती में धनतेरस पर एक करोड़ का कारोबार

Mon, 09 Nov 2015 10:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रावस्ती। धनतेरस पर सोमवार बाजार की रौनक देखते ही बनी। इस दौरान बाजार में करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। सराफा बाजार में जेवरात और चांदी के सिक्के खूब बिके।
विज्ञापन


वहीं, बर्तनों की दुकानों पर भी रात तक लोगों की भीड़ उमड़ती रही। धनतेरस पर बाइक खरीदने के लिए युवाओं में खास रुझान दिखा।

वहीं, ऑफर, गिफ्ट और डिस्काउंट के चलते इलेक्ट्रॉनिक आइटम भी लोगों को लुभाते रहे। कपड़ों की दुकानों पर भी भारी भीड़ उमड़ती रही। देर रात तक खरीदारी का दौर चला।

चांदी के भगवान व विक्टोरिया की बढ़ी मांग

धनतेरस पर सोमवार को सोने चांदी से लेकर मिट्टी के भगवान की मांग खूब रही। बाजार में इनकी कीमत पांच रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक रही।

धनतेरस के दिन जिले में कुल बिके सोने के सिक्कों व अन्य जेवरों पर नजर डाली जाय तो करीब साढ़े सात लाख के बिके। वहीं विक्टोरिया सिक्के, डालर, नोट लगभग 15 लाख रुपये व ढलवा गणेश-लक्ष्मी के सिक्के आठ लाख के बिके।
विज्ञापन


इसी के साथ ही चांदी के अन्य सामान की बिक्री ढाई लाख के आसपास रही, जबकि मिट्टी की प्रतिमाओं की दुकानों पर भी दोपहर बाद से लगने वाली भीड़ देर रात तक रही।

यदि भिनगा बाजार में लगाने वाली दुकानों पर गौर करें तो इलेक्ट्रॉनिक झालर, शोपीस के सामान की बिक्री लगभग पांच लाख का आंकड़ा पार कर गई। यही हाल इकौना, जमुनहा, सिरसिया, गिलौला, बदला, लक्ष्मननगर बाजार, लक्ष्मनपुर बाजार का भी रहा।

दोपहिया वाहनों की दुकानों पर रही चहल-पहल

भिनगा में टीवीएस एजेंसी पर सोमवार को 22 वाहन बिके। एजेंसी मालिक अनुपम मिश्र बताते हैं कि विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष बाजार में नरमी रही।

वहीं हीरो एजेंसी के मालिक राकेश गुप्ता बताते हैं कि विगत वर्ष की तुलना इस वर्ष काफी नरमी रही। इसके बावजूद हमने 26  वाहन बेचे।

वहीं बजाज एजेंसी मालिक सोनू तिवारी कहते हैं कि इस बार बाजार फीकी रही। गत वर्ष की तुलना इस वर्ष कम वाहन बिके।

हल्के जेवरात ग्राहकों की पसंद

धनतेरस के अवसर पर लोगों की पसंद बीते वर्ष की भांति इस वर्ष भी हल्के जेवरात ही रहे। लोग सोना-चांदी के भाव में नरमी के बावजूद हल्के जेवरों की ओर आकर्षित हुए।

चांदी की असलियत को लेकर कोई दिक्कत न होने इसके लिए लोगों ने पुराने सिक्कों की खूब खरीदारी की।

देवताओं के वैद्य धनवंतरि को पूजा
श्रावस्ती। प्रकाश पर्व से दो दिन पूर्व आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरि की जयंती मनाई गई। इस दौरान लोगों ने नए वस्त्र व जेवर धारण कर नए बर्तनों में भगवान धनवंतरि की पूजा कर अपने व अपनों के सुखमय जीवन की कामना की।  कार्तिक मास कृष्ण पक्ष के तेरस को भगवान धनवंतरि की जयंती धनतेरस के रूप में मनाई गई।

इसके साथ दीपों के महापर्व दीपावली का आगाज हो चुका है। पौराणिक मान्यता है कि आज के ही दिन देवताओं के वैद्य भगवान धनवंतरि का अवतरण हुआ था। उन्होंने आयुर्वेद की रचना कर जगत को आयुर्वेद के गुणों के बारे में बताया था।

मानव जीवन में सुख-समृद्धि व धन के लिए लक्ष्मी और स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद को नितांत आवश्यक माना गया है। स्वास्थ्य के दो रूप माने गए हैं जिनमें पहला शारीरिक व दूसरा मानसिक है।

ये दोनों बिना लक्ष्मी व आयुर्वेद के संभव नहीं है। इसी के चलते धनतेरस पर जहां लोगों ने आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरि की पूजा-अर्चना की, वहीं नए पात्र, वस्त्र व जेवरात घर लाकर विधिविधान पूर्वक पूजन-अर्चन कर धारण किया।
विज्ञापन


इस मौके पर वैद्य ने अपने घरों पर भगवान धनवंतरि की पारंपरिक ढंग से पूजन-अर्चन कर उनके गुणों को अपने में समाहित करने की कामना की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें