बहराइच। इंदिरा आवास के लाभार्थियों के चयन को लेकर चल रही कश्मकश अब समाप्त हो गई है। शासन ने नई नीति जारी कर दी है। जिसके तहत बिना मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड के आवास नहीं मिल सकेगा।
एक से पांच सितंबर तक खुली बैठक गांवों में की जाएगी। इसके लिए परियोजना निदेशक ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए शासन की नीति के बारे में बीडीओ और एडीओ को जानकारी दे दी है। दस सितंबर तक चयन कर सूची को वेबसाइट पर अपलोड कर देना होगा।
इंदिरा आवास के लाभार्थियों का चयन करने के लिए केंद्र सरकार ने पहले जनगणना-2011 को आधार बनाने के निर्देश दिए थे लेकिन उसमें आ रही तकनीकी समस्याओं को देखते हुए लाभार्थियों के चयन को लेकर नई नीति जारी कर दी गई है।
बुधवार को शासन में प्रदेश के सभी परियोजना निदेशक के साथ की गई बैठक में इसकी जानकारी दी गई है। परियोजना निदेशक रजत यादव ने बताया कि जनगणना के आधार पर होने वाले इंदिरा आवास लाभार्थियों के चयन को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है।
इस बार भी स्थाई पात्रता सूची और बीपीएल सूची में अवशेष बचे लोगों के बीच से ही लाभार्थी चयन किया जाएगा। इसके लिए एक से पांच सितंबर के बीच जिले की सभी ग्राम पंचायतों में खुली बैठक की जाएगी।
परियोजना निदेशक ने बताया कि शासन ने लाभार्थी का मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड होना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा वेबसाइट पर दस सितंबर तक पूरी सूची अपलोड करनी होगी। जिसके बाद शासन बजट आवंटन की कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों की सूची पर अंतिम मुहर नौ सितंबर को होने वाली डीआरडीए की शासी निकाय की बैठक में किया जाएगा।