जरवलरोड स्थित रेलवे ओवर ब्रिज की बदहाल स्थिति।
जरवलरोड (बहराइच)। लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित जरवलरोड रेलवे ओवरब्रिज एक बार फिर सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। देर शाम रेलवे लाइन के पास पुल का सीमेंट पैनल सरकने की सूचना मिलते ही पुलिस ने एहतियातन ओवरब्रिज पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद करा दिया। यह तीसरा मौका है जब निर्माण संबंधी खामियों के चलते पुल को यातायात के लिए बंद करना पड़ा है।
विकास क्षेत्र जरवल निवासी शिवा सिंह ने पुल से गुजरते समय रेलवे लाइन के पास सीमेंट पैनल खिसका हुआ देखा और तत्काल डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया। इसके बाद वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाने लगा, जिससे क्षेत्र में जाम और असुविधा की स्थिति बनी रही।
करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से पीएनसी कंपनी द्वारा निर्मित लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे इस रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन 28 अगस्त 2018 को हुआ था। पुल शुरू होने के चार महीने बाद ही 30 दिसंबर 2018 को सीमेंट पैनल टूटने से इसे लगभग दो माह के लिए बंद करना पड़ा था। मरम्मत के दौरान किनारों की सीमेंट प्लेटों में ड्रिल कर लोहे की रॉड लगाकर उन्हें मजबूत करने का प्रयास किया गया था, लेकिन यह समाधान भी स्थायी साबित नहीं हुआ। इसके बाद भी पुल में कई बार तकनीकी दिक्कतें सामने आती रहीं।
स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि पुल के ऊपर सड़क काफी समय से धंसी हुई थी और बड़े गड्ढेनुमा उभार के कारण गुजरने वाले वाहन जोरदार झटका खाते थे। उनका आरोप है कि यह संभावित खतरे का संकेत था, लेकिन समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। यदि ग्रामीण समय पर सूचना न देते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जरवलरोड थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुल के एक हिस्से में पैनल सरकने की सूचना पर आवागमन रोक दिया गया है। संबंधित विभाग और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत के बाद ही पुल पर यातायात बहाल किया जाएगा। इस मामले में लगभग दो माह का समय लगने की संभावना है।