बहराइच। बहराइच-जरवल रोड रेल परियोजना जल्द ही जमीन पर उतरने को तैयार है। इसके लिए रेल मंत्रालय व जिला प्रशासन के बीच ऑनलाइन मीटिंग हो चुकी है। अब भूमि अधिग्रहण की तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही रेल मंत्रालय अपना प्रस्ताव देगा। इसी के बाद सामाजिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में अधिकतम तीन से चार माह का ही समय लगेगा। इस दौरान उम्मीद है कि भूमि के अधिग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा।
पहले ही हो चुका है सर्वे
बहराइच से जरवलरोड रेल मार्ग लोकेशन सर्वे का कार्य पटना की स्काईलार्क डिजाइनर एंड इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दिसंबर 2023 में शुरू किया गया था। इसके कुछ माह बाद सर्वे रिपोर्ट भी रेल मंत्रालय भेज दी गई थी। इससे पहले भी वर्ष 2012 में इस रेल परियोजना के लिए सर्वे हुआ था। इस सर्वे में परियोजना की कुल लंबाई 69.66 किमी व अनुमानित लागत 529.96 करोड़ रुपये बताई गई थी, लेकिन नए सर्वे में परियोजना की लंबाई 65 किमी है। जबकि महंगाई अधिक होने के कारण लागत भी बढ़ गई है।
कई बार हुए प्रयास
इस परियोजना के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री व बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने 90 में तत्कालीन रेल मंत्री जॉर्ज फर्नांडीज से सिफारिश की थी। पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड ने संसद में मामला उठाया था। पूर्व सांसद कमल किशोर कमांडो ने भी इस दिशा में पैरवी का दावा किया था। इसके बाद मौजूदा सांसद आनंद गोंड ने भी मामला उठाया था।
प्रस्ताव मिलते ही शुरू हो जाएगी कार्रवाई
जरवल रोड-बहराइच रेल परियोजना के लिए ऑनलाइन मीटिंग हो चुकी है। जल्द ही रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने भूमि का प्रपोजल भेजने को कहा है। प्रपोजल मिलते ही सामाजिक सर्वेक्षण शुरू होगा। -शालिनी प्रभाकर, जिला भू अधिग्रहण अधिकारी