जानकीनगर में कटान के कारण अपने मकान तोड़ते ग्रामीण। - स्रोत : ग्रामीण
बहराइच/महसी। जानकीनगर गांव सरयू की धारा में समाता चला जा रहा है। गांव पूरी तरह खंडहर में तब्दील नजर आ रहा है। मंगलवार रात नदी की तेज धारा ने गांव के दो और मकान निगल लिए। अब तक गांव की लगभग 150 बीघा उपजाऊ जमीन भी नदी में समाहित हो चुकी है।
एल्गिन ब्रिज पर बुधवार को सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 16 सेमी नीचे दर्ज किया गया। पानी घटने के साथ ही नदी की धारा और तेज हो गई है। यही वजह है कि कटान लगातार बढ़ रहा है और ग्रामीणों की गृहस्थी नदी में समा रही है।
मंगलवार रात नदी तेज कटान करते हुए और दो ग्रामीणों के घर अपने साथ बहा ले गई। हालात ये हैं कि जानकीनगर में अब केवल पांच घर ही बचे हैं, बाकी पूरा गांव कटान की भेंट चढ़ चुका है। गांव पूरी तरह खंडहर में बदलता नजर आ रहा है।
कटान से त्रस्त ग्रामीण घर-बार छोड़कर पलायन कर रहे हैं। जो बचे हैं, वे खुले आसमान तले गुजर-बसर कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कटान रोकने के लिए प्रशासन और विभागों की ओर से किए गए सभी प्रयास नाकाम साबित हुए हैं।
उपजिलाधिकारी महसी आलोक कुमार ने बताया कि राजस्व टीम को गांव में भेजा गया है। टीम कटान पीड़ितों का ब्योरा एकत्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित सभी परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।