मिहींपुरवा अवैध रूप से डंप सिलेंडरों की जांच करते अधिकारी।
मिहींपुरवा (बहराइच)। कतर्नियाघाट जंगल में टिनशेड की दुकानों में अवैध रूप से डंप मिले सिलिंडरों की जांच पूरी हो गई है। जांच टीम ने दुकान संचालक को दोषी ठहराते हुए उसके खिलाफ सुजौली थाने में केस दर्ज करवाया है। वहीं, जिन एजेेंसी संचालकोंं के सिलिंडर डंप मिले थे, उन्हेंं क्लीनचिट दे दी गई है, जो क्षेत्र मेंं चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगोंं का कहना है कि एजेंसी संचालकों की मिलीभगत से ही सिलिंडरों को डंप कर उनकी तस्करी नेपाल तक की जाती थी।
मिहींपुरा के सुजौली क्षेत्र में भ्रमण के दौरान एसडीएम अश्वनी पांडेय ने कारीकोट गांव में टिनशेड की दुकानों में भारी मात्रा में अवैध घरेलू गैस सिलिंडर पकड़े थे। एसडीएम ने दुकान को सील कर करवा दिया था। प्रकरण की जांच जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी को सौंपी गई थी। जिला पूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में 23 अप्रैल को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी दिनेश चंद्र मिश्र, पूर्ति निरीक्षक ललित कुमार पाठक, कौशलेंद्र, अमन कुमार व आपूर्ति लिपिक सलीम अहमद की टीम ने मौके पर जाकर जांच की थी।
नायब तहसीलदार मिहींपुरवा ब्रह्मदीन यादव की मौजूदगी में सील दुकान को खोलवाया गया और जांच की गई। जांच में 152 बड़े घरेलू व चार छोटे गैस सिलिंडर मिले। मौके पर मौजूद दुकान संचालक राम गोपाल शर्मा ने टीम को बताया कि 39 गैस सिलिंडर लखीमपुर के ओम एचपी गैस एजेंसी के हैं, जिन्हें वाहन खराब होने पर रखवाया गया था। वहीं, कुछ सिलिंडर विशुनापुर भारत गैस एजेंसी द्वारा रखवाया गया था।
ओम एचपी गैस एजेंसी के मालिक अनिल कुमार ने बयान दिया था कि उनकी गैस एजेंसी में बहराइच के लाभार्थी भी हैं। जिनकी आपूर्ति के लिए वाहन आया था और खराब होेने पर 39 सिलिंडर राम गोपाल शर्मा की दुकान पर रखवाए थे। टीम ने विशुनापुर भारत गैस एजेंसी की जांच की, लेकिन स्टॉक रजिस्टर अधूरा होने से मिलान नहीं हो सका। इसपर जांच टीम ने दुकान संचालक राम गोपाल शर्मा को निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए किराए पर दुकान लेकर सिलिंडर की अवैध बिक्री का दोषी ठहराया और आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में सुजौली थाने में केस दर्ज करवाया।