बहराइच। मेडिकल कॉलेज में स्ट्रेचर न मिलने के आरोप के बीच प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में गठित जांच समिति ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी। समिति ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
हरदी थाना के नेपालपुरवा निवासी गर्भवती महिला ज्योति को प्रसव के लिए रविवार देर रात मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि सोमवार दोपहर प्रसव पीड़ा शुरू होने पर स्ट्रेचर उपलब्ध न होने के कारण परिजन महिला को पैदल ही प्रसव कक्ष की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान महिला का प्रसव हो गया और नवजात फर्श पर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद महिला के पति ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे।
मामले का संज्ञान लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री ने दो चिकित्सक, तीन स्टाफ नर्सों और एक अन्य कर्मचारी को निलंबित कर दिया था। साथ ही घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया था।
मंगलवार को सीएमएस डॉ. एसके वर्मा के नेतृत्व में गठित जांच समिति ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ड्यूटी के समय मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। सीएमएस डॉ. वर्मा ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।