बहराइच। बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर जैसे आकांक्षात्मक जनपदों में विकास की असीम संभावनाएं हैं। बौद्ध सर्किट का अहम हिस्सा होने के कारण इसका आध्यात्मिक महत्व भी है। इन जनपदों में अच्छा कार्य हो रहा है। आवश्यक है कि इन क्षेत्रों पर फोकस करते हुए समन्वित विकास की कार्ययोजना बनाई जाए। बहराइच में केला उत्पादन का रकबा बहुत बड़ा है। यहां एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की संभावना तलाशी जाए।
यह बातें शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से देवी पाटन मंडल के जिलों की समीक्षा करते हुए कहीं। उन्होंने देवीपाटन मंडल में कोरोना की स्थिति नियंत्रित होने पर संतोष जाहिर किया। इसके साथ ही कांट्रैक्ट ट्रैसिंग बढ़ाए जाने की जरूरत बताई। गन्ना किसानों को हुए भुगतान की स्थिति से अवगत होते हुए मुख्यमंत्री ने गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग को शेष बकाया राशि के भुगतान के लिए हर संभव कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सभी जिलों की चीनी मिलों के बकाए की समीक्षा शासन और जिला स्तर पर करने को कहा।
उन्होंने कहा कि किसानों को हर हाल में भुगतान सुनिश्चित कराएं। जरूरतमंदों को रोजगार मिले इसके लिए नियमित जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी के साथ बैठक करें। मंडल में वनटांगिया और थारू जनजाति बहुतायत है। इन्हें शासन की सभी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। इनके गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाए। पूर्वांचल के इस क्षेत्र की भूमि बेहद उर्वर है। भरपूर पानी और मानव संसाधन भी मौजूद हैं। इसके नाते इस क्षेत्र में खेतीबाड़ी के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। कुछ किसान यहां बहुत बेहतर कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। प्राकृतिक जलस्रोतों तालाब कुओं और पोखरों में पानी का संरक्षण करें।
बहराइच में केला उत्पादन का रकबा बहुत बड़ा है। यहां एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की संभावना तलाशी जाए। यह प्रयास रोजगार भी सृजित करेगा। आत्मनिर्भर भारत योजना में कृषि क्षेत्र की बुनियादी संरचना को बेहतर करने की असीम संभावनाएं हैं। हर ब्लॉक में एफपीओ का गठन करें। गोदामों के लिए प्रस्ताव तैयार करें। बहराइच नगर में जल भराव की समस्या का स्थायी निदान तलाशा जाए।
उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम समापन की ओर है। इसके दृष्टिगत मार्ग निर्माण से जुड़े विभाग तेजी से कार्य करते हुए सड़कों को गड्ढामुक्त करें। शासकीय योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर यूटिलाइजेशन प्रमाण पत्र भेजा जाए, जिससे शासन स्तर से धन निर्गत हो सके। उन्होंने कार्यों के भौतिक सत्यापन की व्यवस्था बनाए जाने के निर्देश भी दिए। परियोजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जाए। स्वदेश दर्शन योजना के तहत बौद्ध सर्किट के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे पर्यटन विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूर्ण होने पर उत्तर प्रदेश की पर्यटन सुविधाओं को और समृद्ध बनाएगी। ग्राम पंचायतों में जो ग्राम सचिवालय बनने हैं, उनके प्रस्ताव शीघ्र भेजें। गांवों के सामुदायिक शौचालयों के लिए ऐसी जगहों का चयन करें जहां उनका अधिकतम उपयोग हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहराइच में महाराज सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज, गोंडा के राजकीय मेडिकल कॉलेज, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, वनटांगिया विद्यालय और अटल आवासीय विद्यालय महत्वपूर्ण योजनाएं हैं। इस संबंध में कतई देर न की जाए। गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा की सुलभ सुविधा सभी को मिले इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इनसे जुड़े कोई प्रस्ताव कतई लंबित न रहें।
विधायकों ने भी रखे विकास के प्रस्ताव
समीक्षा बैठक के दौरान विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी ने तालाब बघेल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कराने के लिए प्रेषित किये गये प्रस्ताव को स्वीकृत कराये जाने, विधानसभा क्षेत्र पयागपुर में आईटीआई की स्थापना, निर्माणाधीन तहसील भवन के कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने, चिलवरिया चीनी मिल व कुन्दरकी चीनी मिल गोंडा पर बकाया गन्ना किसानों का भुगतान दिलाने, पयागपुर क्षेत्र के किसानों का गन्ना बलरामपुर चीनी मिल में बिक्री की अनुमति देने तथा विधान क्षेत्र अंतर्गत गांवों का विद्युतीकरण कराने की मांग की। विधायक नानपारा माधुरी वर्मा ने चीनी मिल नानपारा के आसपास के संपर्क मार्गों तथा कटाईघाट के मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की। प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कैसरगंज-हुजूरपुर-इकौना मार्ग के कार्य को प्रारंभ कराये जाने, बाढ़ क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत तथा जनपद में केला प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना तथा सिकरियाघाट पर पुल का निर्माण कराये जाने की मांग की। सदर विधायक अनुपमा जायसवाल ने नगर बहराइच के जलभराव की समस्या का समाधान कराये जाने तथा अमृत योजना के पाईप लाइन बिछाये जाने के कारण क्षतिग्रस्त होने वाले मार्गों की समुचित मरम्मत कराये जाने की मांग की तथा महाराजा सुहेल देव स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किये जाने पर लिए गये निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। विधायक बलहा सरोज सोनकर ने सरयू नदी पर निर्माणाधीन पुल को पूर्ण कराने, चार वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित किये जाने, गायघाट पुल के निकट सीढ़ी का निर्माण, मिहींपुरवा को नगर पंचायत बनाये जाने, बलहा विधानसभा क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना, करमोहना क्षेत्र में स्पर निर्माण सहित क्षेत्र में अन्य विकास कार्य कराये जाने की मांग की। वहीं सीएम ने राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत जनपद में किये जा रहे गोदान कार्यक्रम की प्रशंसा की। सीएम ने अन्य जनपदों से भी बहराइच का अनुसरण किये जाने का निर्देश दिया।