बहराइच में गरुवार को जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज।
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बरसात के साथ ही झाला तरहर गांव में संक्रामक बीमारी फैल गई है। बुखार व उल्टी-दस्त के साथ फोड़े, फुंसियों का प्रकोप शुरू हो गया है। तीन दिन से आठ परिवारों के 10 बच्चे बीमार हैं। सूचना स्वास्थ्य केंद्र को दी गई है। लेकिन कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा है। फोन से बात करने पर कहा कि गंदगी के चलते बीमारी फैली होगी। गंदगी नियंत्रित करो। वहीं बीमार बच्चों के परिवारीजन पसोपेश में हैं। पीड़ित बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
पयागपुर विकास खंड अंतर्गत झाला गांव में सफाई व्यवस्था बदहाल है। गांव की गलियों की नालियां बजबजा रही हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बरसात के साथ ही कूड़े के ढेर से उठ रही सड़ांध और गंदगी के चलते संक्रामक बीमारियां पनपने लगी हैं।
बीते तीन दिन से आठ परिवारों के 10 बच्चे बुखार, उल्टी, दस्त और फोड़े-फुंसी की चपेट में आ गए हैं। इनमें गांव निवासी सपना (डेढ़) पुत्री ननके, नेहा पांडेय (8) पुत्री आदर्श, दिव्यांशी (9माह) पुत्री वंशीधर, पलक (5) पुत्री राकेश, बेबी (10) पुत्री अनिल, सचिन (6) पुत्र रामआशीष समेत 10 बच्चे बीमार हैं।
इसकी शिकायत पीड़ित बच्चों के परिवारीजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पयागपुर पर की। लेकिन कोई भी स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची है। गांव निवासी प्रधान पांडेय, नानबाबू पांडेय व ग्राम पंचायत सदस्य भरतराम, बालकराम ने बताया कि फोन किया गया तो स्वास्थ्य केंद्र से कहा गया कि गांव गंदगी के कारण बीमारियां फैल रही होंगी।
गंदगी को नियंत्रित करिए। वहीं दो बच्चों की हालत गंभीर होने पर परिवारीजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए हैं। इस बारे में पयागपुर स्वास्थ्य केंद्र के सीएचसी अधीक्षक डॉ. एनबी जायसवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि झाला गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना उन्हें नहीं थी। अब पता चला है। टीम गांव भेजकर बीमार बच्चों का इलाज कराया जाएगा।