जरवलरोड/राजीचौराहा (बहराइच)। बहराइच में घाघरा नदी अब बाढ़ की तबाही मचाने के संकेत दे रही है। सोमवार सुबह नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से फिर 39 सेमी ऊपर पहुंच गया।
जलभराव से जूझ रहे नदी के तटवर्ती इलाकों में हालात और बिगड़ गए हैं। जलस्तर अगर 10 से 15 सेमी. और बढ़ा तो बाढ़ आ जाएगी। महसी और कैसरगंज के तटवर्ती इलाकों में बसे ग्रामीण संपत्ति समेटकर पलायन कर रहे हैं।
नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश तराई के लिए मुसीबत बनती जा रही है। इससे घाघरा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव है।
रविवार शाम से नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे का इजाफा शुरू हुआ था। सोमवार सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष घाघरा का जलस्तर 106.466 मीटर रिकॉर्ड हुआ है।
अपर जिलाधिकारी कार्यालय के मुताबिक एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिसके चलते महसी तहसील के निचले इलाके में बसे गोलागंज खास, गोलागंज टेपरी, कायमपुर, जरमापुर, चुरईपुरवा, मंगलपुरवा, लोनियनपुरवा गांवों में घाघरा का पानी बढ़ता जा रहा है। इससे लोगों में हड़कंप मचा है। वे सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन कर रहे हैं।
उधर, नदी का जलस्तर बढ़ने से जरवल विकासखंड के गड़रियनपुरवा, घोसियनपुरवा, अहाता, बहरामपुर, सुंदरलालपुरवा और नासिरगंज गांव भी प्रभावित है।
नासिरगंज गांव के लोग पहले ही अपनी संपत्ति समेटकर आदमपुर रेवली तटबंध पर शरण ले चुके हैं। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते कटान भी हो रही है।
नहीं होगी दिक्कत : एसडीएम
महसी के उपजिलाधिकारी सीपी तिवारी का कहना है कि घाघरा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। राजस्वकर्मी क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं। निचले इलाकों में बसे जिन गांव में नदी के उफान से जलभराव की स्थिति बनी है। वहां भी हालात दो एक दिन में सामान्य हो जाएंगे। बाढ़ की स्थिति नहीं है।
गोलागंज के तीन ग्रामीणों के मकान कटे
गोलागंज गांव निवासी शंातीदेवी, गुड्डू सिंह और प्रमोद सिंह के मकान सोमवार सुबह घाघरा की कटान के चलते लहरों में समाहित हुए हैं। वहीं चुरईपुरवा, गोलागंज और कायमपुर के मध्य खेती योग्य जमीन कटान कर रही है। गांव निवासी जमींदार, समयदीन सिंह, देशराज सिंह, अमरनाथ सिंह, जंगबहादुर सिंह, जनकराज, निरंजन सिंह, रमेश, इंद्रजीत, मोती सिंह, बालराम, इंदल, चुरईपुरवा निवासी सियाराम, मिलन, अवधेश, छबीले, शंभू, उमाशंकर, पुत्तीलाल और मिश्रीलाल की लगभग 180 बीघा खेती योग्य जमीन घाघरा में समाहित हुई है।
नेवादा पूरे कस्बाती के 11 और घर सरयू में समाहित
नानपारा। नेवादा पूरे कस्बाती गांव में सरयू नदी ने सोमवार को कटान करते हुए काशीराम, गोविंदे, ननकू, लीला, अमृतलाल, सुकई, संगीता देवी, छोटे, सागर, छन्नू समेत 11 मकानों को लील लिया। एडीएम विद्याशंकर सिंह ने गांव का मुआयना कर सहायता प्रदान करने के निर्देश एसडीएम को दिए हैं।