- फूलों पर भी महंगाई की मार
- बाजार में ढूंढ़े नहीं मिल रहे फूल
एडवायजरी सहालग
फोटो-28
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। सहालग में फूलों पर भी महंगाई का असर छा गया है। फूलों में गुलाब व गेंदे की बढ़ी मांग के चलते इनके दाम आसमान छूने लगे हैं। फूल व्यवसायी गैर जनपदों से फूलों को मंगाकर लोगों की डिमांड पूरी कर रह हैं लेकिन इसके बावजूद बाजार से फूल काफी मशक्कत के बाद मिल रहें हैं।
जिले में मौजूदा समय सहालग की धूम मची हुई है। सहालग के चलते जिले के बाजारों में ग्राहकों की आमद में भी काफी इजाफा हुआ है। वैवाहिक कार्यक्रमों में मंडप, जयमाल, कार व सेहरा आदि को सजाने की परपंरा अरसे से चली आ रही है। फूलों में सबसे ज्यादा गेंदे व गुलाब के फूलों की डिमांड होने से बाजार से यह फूल नदारद हो गए हैं। हालांकि फूलों के अभाव में लोग विकल्प के तौर पर मजबूरीवश आर्टिफिशियल फूलों का इस्तेमाल कर रहें हैं। फूल विक्रेताओं की मानें तो जिले में फूल की कमी के चलते उनको लखनऊ समेत अन्य जनपदों से फूल मंगाना पड़ रहा है। इसलिए फूलों के दामों में वृद्धि करना सभी की मजबूरी है।
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80 से 100 रुपए की हुई है बढोतरी
फूल व्यवसायी रिजवान ने बताया कि सहालग के चलते मौजूदा समय गेंदे व गुलाब के फूलों की सबसे जयादा डिमांड है। उन्होंने बताया कि आउट सीजन में जो फूल 20 से 50 रुपये प्रतिकिलो में बिकते थे। वही फूल अब सौ से 150 रुपये प्रतिकिलो में बिक रहा है जबकि गुलाब के फूल की गड्डी दो से 300 में बिक रही है। वहीं फूल विक्रेता अब्दुल हई, सुभान, चुन्ना लाल व धर्मवीर सैनी का कहना है वैवाहिक कार्यक्रमों में मौजूदा समय फूलों की बढ़ी डिमांड के चलते लखनऊ व अन्य जनपदों से फूल मंगाया जाता है। गैर जनपदों से फूल मंगाने के चलते फूलों के दामों में बढ़ोतरी हुई है।
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गरीब व मध्यमवर्ग के लोग अर्टिफिशियल फूलों का कर रहे है प्रयोग
सहालग में गेंदा व गुलाब की अचानक बढ़ी मांग के बाद फूलों की कीमतों में हुए वृद्धि को देखते हुए अब गरीब व मध्यमवर्ग के लोग विकल्प के तौर पर आर्टिफिशियल फूलों का प्रयोग कर रहें हैं। कागज व प्लास्टिक से बनें यह फूल लोग मंडप, स्टेज, कार आदि को सजाने में इस्तेमाल करने लगे हैं।