नवाबगंज (बहराइच)। क्षेत्र के प्राचीन पांडव कालीन मंगली नाथ शिव मंदिर प्रागंण में रविवार से सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा की शुरुआत हो गई है। कथा का शुभारंभ होने से पूर्व क्षेत्र में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान महिलाओं में उत्साह देखा गया।
ग्राम रामनगर सेमरा के मजरा अंटहवा गांव निवासी रिंकू सिंह ने बताया कि रविवार से उनके आवास पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा के साथ कराई गई। कलश यात्रा में शामिल महिलाएं पीतवस्त्र धारण कर कतार बद्ध होकर पांडवकालीन मंगलीनाथ मंदिर परिसर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल तक पहुंची।
कलश यात्रा में ब्लॉक प्रमुख जेपी सिंह, विजय कुमार सिंह, संजय पाल सिंह, शिवपूजन सिंह, आशीष त्रिपाठी, सोनू सिंह, संतोष सिंह, हर्षित सिंह, राजकुमार, विशाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
धार्मिक चेतना का संचार करती है श्रीमद्भागवत कथा- महामंडलेश्वर
नवाबगंज (बहराइच)। क्षेत्र के अंटहवा गांव में रिंकू सिंह के आवास पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन महामंडलेश्वर तथा पांडवकालीन श्री सिद्ध नाथ मंदिर के महंत रवि गिरि जी महराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रोताओं में धार्मिक चेतना का संचार करती है।
उन्होंने कहा कि धर्म का मतलब केवल पूजा पाठ ने नहीं बल्कि कर्तव्य पालन करने से है।महामंडलेश्वर ने कहा कि जब भी हम अपने उद्देश्य से भटकते हैं तब हम धर्म का सहारा लेकर धार्मिक हो जाते हैं। यही से हमारी धार्मिक चेतना का शुभारंभ होता है। जब हम किसी संकट में आते हैं तो भी धार्मिक तथ्य हमें आत्म संतोष तथा आत्म बल प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि हर मनुष्य को चाहिए कि वह अपने-अपने धर्म का पालन करें। धार्मिकता कभी भी व्यक्ति को उसके वास्तविक पथ से विचलित नहीं होने देगी। श्रीमद्भागवत की कथा ध्यान से सुनने पर कथा के अंतिम दिन एक विशेष प्रकार के ज्ञान की प्राप्ति होगी जो आत्म संतोष के साथ फिर से इसी कथा को सुनने के लिए प्रेरित करती है।