श्रावस्ती के जमुनहा विकास क्षेत्र में परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त है। इसका खुलासा एक साथ हुए औचक निरीक्षण में हुआ। 17 ऐसे स्कूल थे जहां के शिक्षक महीनों से नदारद हैं। 79 स्कूलों में प्रयोग लायक शौचालय तक नहीं हैं। 61 स्कूलों में हैंडपंप जल की जगह पर जहर उगल रहे हैं। दस विद्यालय ऐसे हैं, जहां महीनों से एमडीएम का चूल्हा जला ही नहीं। ऐसे में शुक्रवार को चार शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। वहीं पंद्रह शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
जमुनहा में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य ही नहीं बल्कि पेयजल, शौचालय व एमडीएम जैसी व्यवस्थाएं भी ध्वस्त हैं। इसका खुलासा डीएम द्वारा विकास खंड के 245 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की जांच के लिए भेजे गए 77 अधिकारियों के दल ने किया।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि प्राथमिक विद्यालय पोंदिला के प्रधान अध्यापक प्रदीप कुमार, प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर के सहायक अध्यापक सुनील कुमार पांडे, उच्च प्राथमिक विद्यालय राजापुर पुरैना के सहायक अध्यापक बाबूलाल व खलीफतपुर के प्रधान अध्यापक राम सकल चौहान काफी दिनों से विद्यालय नहीं आ रहे थे। इन्हें डीएम के आदेश के बाद तत्काल प्रभाव से बीएसए ने निलंबित कर दिया है। वहीं 13 अन्य विद्यालयों के 15 शिक्षक जो विद्यालय में निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित थे। उन पर कार्रवाई करते हुए वेतन अवरुद्ध करने का आदेश दिया गया है।
इसके साथ ही जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ कि 79 विद्यालयों का शौचालय प्रयोग लायक ही नहीं है। जबकि 61 विद्यालयों के हैंडपंप दूषित जल दे रहे हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय असनी, रामपुर बस्ती, खजुरी व लंबुइया सहित दस विद्यालयों में एमडीएम का चूल्हा ठंडा है। जांच अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्राथमिक विद्यालय असनी व सेमरहनिया में मई से ही एमडीएम नहीं बन रहा है।