पयागपुर रेंज में वन विभाग की जमीन पर कुछ इस तरह किया जा रहा अवैध बालू खनन।
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पयागपुर (बहराइच)। पयागपुर रेंज के तालाब बघेल में खनन माफिया रात में अवैध खनन कर रहे हैं। ट्रैैक्टर-ट्रॉली और डंपर से रात भर खनन होने के कारण राधानगर के ग्रामीणों की रात की नींद भी हराम हो गई है। इतना ही नहीं अवैध खनन से ग्रामीणों के खेत भी चपेट में आ रहे हैं। लेकिन वन विभाग तथा तहसील के अधिकारी शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
बहराइच वन प्रभाग के पयागपुर रेंज क्षेत्र में खनन प्रतिबंधित क्षेत्र में एक माह से अंधाधुंध अवैध बालू खनन का कार्य चल रहा है। जहां उपजाऊ खेतों की जमीन को खोदकर तालाब में परिवर्तित किया जा रहा है। वहीं प्रतिबंधित वन क्षेत्र में 15 फुट तक खोदाई कर मिट्टी निकाली जा रही है। यह गोरखधंधा तहसील से मात्र डेढ़ किलोमीटर पर क्षेत्र का गौरव माने जाने वाले तालाब बघैल के तट पर जारी है। जेसीबी से खोदाई कर ट्रॉलियां व डंपर तहसील के सामने से ही प्रतिदिन फर्राटे भर रहे हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुई है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने तहसील, पुलिस व खनन विभाग को भी अवगत कराया, लेकिन किसी भी जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं रात में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण राधानगर के ग्रामीणों की नींद हराम हो गई है। दूसरी तरफ अवैध बालू खनन से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भू माफिया किसानों को लालच देकर उनके उपजाऊ भूमि को गड्ढे में तब्दील कर रहे हैं।
खनन के चलते ग्रामीणों की फसल लगी जमीन भी चपेट में आ रही है। वहीं वन विभाग की ओर से प्लांटेशन या पौैधरोपण कराया गया था, लेकिन बालू खनन में प्लांटेशन खत्म हो गया। लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी लेने से कतरा रहा है। इस मामले में उपजिलाधिकारी बाबूराम को फोन किया गया, लेकिन उनके मोबाइल पर घंटी बजती रही। उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।