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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की बहू बीमार

Tue, 04 Jul 2017 10:44 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
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बीमार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की बहू - फोटो : अमर उजाला
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. बरातीलाल पटवा के परिवार की हालत खस्ता है। उनकी पुत्र वधू पांच माह से बीमार है और जिंदगी-मौत से संघर्ष कर रही है। सूचना के बावजूद न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही प्रशासनिक अमले ने ध्यान दिया है। आलम यह है कि इस समय वह बिना दवा के वह घर में कराहने को मजबूर है। 
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विकास खंड नवाबगंज अंतर्गत कस्बा निवासी बरातीलाल पटवा ने स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। देश को आजाद कराकर लोगों के आजाद भारत का स्वप्न पूरा किया था। लेकिन उनका परिवार आज बदहाली के दौर से गुजर रहा है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का पुत्र अपने परिवार के दो जून की रोटी के लिए गांव-गांव घूमकर मेहनत मजदूरी करता है।

वहीं, सेनानी की बहू राजकुमारी पहले तो भीख मांगकर जीवनयापन कर लेती थी, लेकिन बीते पांच माह से वह बीमार है। इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। राजकुमारी का कहना है कि उसने इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग के हाकिम के अलावा अन्य बड़े अफसरों से संपर्क साधा। लेकिन इलाज मुहैया नहीं हो सका। पैसा इतना नहीं है कि कहीं निजी इलाज करा पाएं। 
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बरातीलाल पटवा के पौत्र अमिरका प्रसाद है। उसके तीन बच्चे हैं जो कस्बे के मांटेसरी स्कूल में पढ़ रहे हैं। अमिरका का कहना है कि मां राजकुमारी परिवार से अलग रहती है। बिंदी-चूड़ी गांव-गांव बेचते हैं। मुश्किल से 100-150 रुपये का जुगाड़ होता है। उसमें से परिवार का खर्च चलाएं, बच्चों की फीस अदा करें या मां का इलाज कराएं। समझ नहीं पा रहे हैं। फिर भी जितना हो सकता था किया, अब हिम्मत नहीं है। 

प्लास्टिक के बोरे पर बीमारी से कराह रही राजकुमारी का कहना है कि उसके ससुर को स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में जेल हुई थी। आजादी के बाद घर आ पाए थे। आजादी के कई साल बाद दिल्ली में कार्यक्रम हुआ था। उसमें ससुर को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया था। 

राजकुमारी के पति की 10 साल पहले मौत हो चुकी है। उसका कहना है कि मिल रही विधवा पेंशन और भीख मांगकर इकट्ठा की गई राशि बेटे को दी थी। उसने एक कमरा बनवाया था। बांस की सीढ़ी से चार साल पूर्व छत पर चढ़ी, तभी गिरकर अपंग हो गई। इसके बाद भीख मांगने लगी। लेकिन अब बीमारी ने तोड़ दिया है। भीख मांगने की भी स्थिति नहीं है। 

एसडीएम नानपारा एसपी शुक्ला ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की बहू की बीमारी की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है। राजस्व टीम को भेजकर जांच कराएंगे। बीमार बहू को 24 घंटे मेें सीएचसी में भर्ती करवाकर इलाज शुरू किया जाएगा। जितनी मदद हो सकेगी, की जाएगी। 
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