मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं खरीद शुरू की गई है। गेहूं खरीद शुरू होने के साथ ही उसके मानकों को लेकर भी मंथन शुरू हो गया है। खाद्य विभाग ने 12 से 14 प्रतिशत तक नमी पाए जाने पर उसमें कटौती किए जाने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा कटौती के पांच और मानक तय किए गए हैं। खाद्य विभाग ने किसानों से गेहूं को साफकर और सुखाकर केंद्रों पर बेचने की सलाह दी है। जिससे उनको वापस लौटने की दिक्कत नहीं उठानी पड़े।
गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र स्थापित कर दिए हैं। गोदामों की सफाई भी शुरू कर दी गई है। बहराइच जनपद के 14 विकास खंडों में 97 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। एफसीआई की ओर से गेहूं के भंडारण में होने वाली दिक्कत को देखते हुए खाद्य विभाग ने मानकों का निर्धारण किया है।
नमी की फुल कट वैल्यू 12 प्रतिशत निर्धारित की गई है। डिप्टी आरएमओ कमलेश पांडेय का कहना है कि अगर किसानों के गेहूं में 12 प्रतिशत तक नमी पाई जाती है। तो उनको गेहूं का पूरा भुगतान किया जाएगा। जबकि 12 से 14 प्रतिशत के बीच नमी पाए जाने पर पंद्रह से 25 रुपये तक की कटौती की जाएगी। इसलिए किसान अपनी फसल को अच्छी तरह से सुखाने व साफ करने के बाद ही केंद्र पर गेहूं बेचने को पहुंचे।
जिससे उनको माल लेकर वापस लौटने की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। भेजे गए नमी मापक यंत्र गेहूं खरीद को देखते हुए इलेक्ट्रानिक कांटों को सभी केंद्रों को भेज दिया गया है। गेहूं खरीद के लिए नमी मापक यंत्र, पंखे आदि भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
यह है मानक
मानक प्रतिशत
फारेन मैटर 0.75
अदर फूड ग्रेन 2
डैमेज ग्रेन 2
स्टलाइली डैमेज 4
स्टिविल्द एंड ब्रोकेन 6
नमी 12
70 हजार मिट्रिक टन गेहूं की होगी खरीद
शासन के निर्देश पर एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर दी गई है। लेकिन लक्ष्य तीन दिन बाद सोमवार को जिलों को भेजा गया। अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने बताया कि 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य बहराइच को मिला है। इसके तहत 60 हजार मीट्रिक टन राज्य सरकार की एजेंसियाें द्वारा गेहूं की खरीद होगी। जबकि 10 हजार मीट्रिक टन केंद्र सरकार की एजेंसी एफसीआई गेहूं खरीदेगी। राज्य सरकार की ओर से पांच एजेंसियों को लक्ष्य का आवंटन करने की तैयारी की गई है। मंगलवार तक सभी एजेंसियों को लक्ष्य निर्धारित कर दिया जाएगा।