खैरहनिया गांव में पखवारे भर से बंदरों का उत्पात है। सोमवार को बंदरों के झुंड ने घर के बाहर खेल रही एक बालिका पर हमला कर उसे घायल कर दिया। बंदर को गंभीर हालत में स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। इसके पूर्व भी आधा दर्जन बच्चे बंदरों के हमले में घायल हुए हैं। सूचना वन विभाग को दी गई है। लेकिन अब तक बंदरों के उत्पात पर अंकुश लगाने की कोशिश नहीं हो सकी है।
बहराइच वन प्रभाग के रुपईडीहा और अब्दुल्लागंज रेंज परिक्षेत्र में बीते पखवारे भर से बंदर उत्पात मचा रहे हैं। खेतों में खड़ी फसल को तो नुकसान पहुंचा ही रहे हैं। घर में घुसकर खाद्य, पदार्थ को बर्बाद करने के साथ ही कपड़े व अन्य सामानों को नुकसान पहुंचाते हैं। सोमवार सुबह खैरहनिया गांव निवासी नेहा (7) पुत्री अवधेश घर के सामने खेल रही थी। इसी दौरान बंदरों का झुंड पहुंच गया। झुंड ने बालिका पर हमला कर उसे घायल कर दिया। उसके चेहरे, पीठ और पेट में काफी चोटे आई हैं।
गौरतलब हो कि चार दिन पूर्व भी बंदरों ने गांव निवासी 10 वर्षीय रेशमा, दो वर्षीय हनीफ, रूबी, तुफैल (5), नाजिमा (2), अंश (2), अनिल (65), सुदामा (25) भी घायल हो चुके हैं। सभी का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से चल रहा है।
गांव निवासी मुन्ना, परशुराम आदि ने बताया कि बंदरों के उत्पात के मामले में रेंज कार्यालय को सूचना दी गई। प्रभागीय वनाधिकारी को भी अवगत कराया गया। वन क्षेत्राधिकारी जेपी चौबे का कहना है की उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। बंदरों को पकड़ने के लिए विभाग के पास कोई बजट नहीं होता है। फिर भी गोंडा से टीम बुलवाकर बंदरों को पकड़वाया जाएगा।