बहराइच। थाना मोतीपुर क्षेत्र की एक विवाहिता की हत्या के मामले में शुक्रवार को जिला सत्र न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी की अदालत ने पति और ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 56 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला अमृतपुर पुरैना गांव निवासी साबिर की बेटी से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का विवाह पांच वर्ष पूर्व मोतीपुर थाना क्षेत्र के हंसुलिया गांव निवासी अली हुसैन से किया था। विवाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर बेटी का उत्पीड़न शुरू कर दिया गया था। घटना 28 सितंबर 2014 की है, जब साबिर अपनी बेटी का हालचाल जानने दामाद के घर पहुंचे। वहां उन्हें जानकारी हुई कि अली हुसैन और उसके पिता सिरदार ने उनकी बेटी की हत्या कर दी है। इस घटना की शिकायत मोतीपुर थाने में की गई। जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचक ने जांच पूरी कर 20 फरवरी 2015 को दोनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।