अनशन स्थल पर प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन स्वीकार करती एसडीएम मोनालिसा जौहरी।
मिहींपुरवा। बिजली संकट के स्थायी समाधान की मांग को लेकर चार दिन से चल रहे आमरण अनशन के आगे आखिरकार प्रशासन को ठोस कदम उठाने पड़े। बुधवार को एसडीएम मिहींपुरवा मोनालिसा जौहरी ने बिजली विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में अनशनकारियों से वार्ता की।
जर्जर बिजली तारों की मरम्मत का काम शुरू कराने, नए बिजली उपकेंद्र के लिए जमीन चिन्हित करने और शेष कार्य 45 दिन में पूरा कराने का आश्वासन मिलने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता श्रेयांस यशस्वी समेत अनशनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। एसडीएम ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
मिहींपुरवा ब्लॉक मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक पर बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर श्रेयांस यशस्वी आमरण अनशन पर बैठे थे। चार दिनों तक चले अनशन को ग्रामीणों और युवाओं का भी समर्थन मिला।
अनशनकारियों का कहना था कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती, जर्जर तार और अन्य समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना था कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में काम शुरू होना चाहिए।
प्रशासन के आश्वासन के बाद अब जर्जर तारों की मरम्मत शुरू हो गई है। नए उपकेंद्र के लिए जमीन चिन्हित किए जाने और 45 दिन में शेष कार्य पूरे कराने के भरोसे को आंदोलनकारियों ने फिलहाल स्वीकार कर अनशन समाप्त किया। अनशन में राहुल मदेसिया, ऋतिक सिंह, अभय यादव, उत्कर्ष प्रताप सिंह, नीरज सिंह समेत अन्य युवा भी शामिल रहे।