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जाति-धर्म से ऊपर है मानव धर्म : आत्मानंद सरस्वती

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शहर के रेलवे स्टेशन स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा।
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बहराइच। शहर के रेलवे स्टेशन स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन संत आत्मानंद सरस्वती महाराज ने मानव धर्म को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म से ऊपर मानव धर्म है। मानवता ही सुख का साधन है। मनुष्य को किसके प्रति कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसकी सीख श्रीमद्भागवत कथा से मिलती है।
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उन्होंने कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत समस्त चराचर जगत में परमात्मा का तत्व विद्यमान है। तत्व दृष्टि से सभी एक ही परमात्मा की संतान हैं। सभी के प्रति सद्व्यवहार, दया और सत्य का बोध ही वास्तविक सत्संग है। आत्मा और परम सत्य परमात्मा की प्राप्ति ही मानव जीवन का लक्ष्य है।
संत ने कहा कि जीवन के अलग-अलग पड़ाव में मनुष्य अलग-अलग चीजों को सत्य मानता है। बचपन में संसार, युवावस्था में अर्थ और काम के पीछे भागता है, जबकि वृद्धावस्था में क्रोध और लोभ का त्याग कर भगवान के भजन की ओर बढ़ना चाहिए। अंततः मनुष्य को समझ आता है कि परम सत्य ईश्वर का स्मरण ही है। उन्होंने कहा कि कथा और सत्संग पितरों के कल्याण का भी माध्यम हैं। भागवत कथा मनुष्य को सत्य, दया और सद्व्यवहार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
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