अब परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के भी आधार कार्ड बनाये जाएंगे। शासन का यह फरमान जारी होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने कवायद शुरू कर दी है लेकिन जिले में पर्याप्त मात्रा में कैमरे ही नहीं हैं। संसाधनों की भी कमी है जबकि 31 अगस्त तक सभी छात्रों के आधार कार्ड बनने हैं। इससे ऊहापोह की स्थिति बन रही है।
बीएसए ने इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारियों को बैठक कर तिथि निर्धारण के निर्देश दिए हैं। बीएसए का दावा है कि निर्धारित तिथि में लक्ष्य की पूर्ति कर ली जाएगी। जिले के 14 विकास खंडों में 2470 प्राथमिक और 983 जूनियर विद्यालय हैं। इसके अलावा सहायता प्राप्त व मान्यता प्राप्त 66 विद्यालयों में भी प्राथमिक और जूनियर कक्षाएं चलती हैं।
इनमें प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 4.5 लाख और जूनियर विद्यालयों में 1.5 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सरकार ने कक्षा एक से आठ तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए भी आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दी है। इसका फरमान सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया है। बहराइच के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह का कहना है कि शासन का पत्र मिला है।
इस मामले में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिए गए हैं। सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर क्षेत्र के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की बैठक कर आधार कार्ड बनवाने के लिए तिथि का निर्धारण करेंगे। इसकी रिपोर्ट मिलते ही आधार कार्ड बनाने वाली संस्थाओं से संपर्क किया जाएगा। स्कूलों में कैंप लगवाकर आधार कार्ड बनवाए जाएंगे।
बीएसए ने कहा कि फिलहाल आधार कार्ड बनाने वाली कार्वी और उसकी सहयोगी संस्थाओं के पास कुल मिलाकर 100 कैमरे ही हैं। ऐसे में निर्धारित समय में लक्ष्य पूर्ति में दिक्कत आ सकती है लेकिन उच्चाधिकारियों से वार्ता चल रही है। कैमरे बढ़वाकर 31 अगस्त तक हर हालत में सभी बच्चों के आधार कार्ड बन जाएंगे।